Warren Buffett Biography In Hindi

Warren Buffett Biography In Hindi

Warren Buffett  का नाम आज दुनिया मैं सबको पता हैं, ये नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं, दुनीया इनको Warren Buffett  के नाम से कम और शेयर बाजार का खिलाडी का बादशहा इस नाम से ज्यादा जानती है, दुनीया मैं ऐसा कोई भी अखबार, टी. वी. चैनेल नहीं होगा जिसमे वॉरेन बफे की चर्चा नहीं होती होंगी.

Warren Buffett  (August 30), 1930 को ओमाहा (Omaha), नेब्रास्का में पैदा हुए , एक अमेरिकी निवेशक (investor), व्यवसायी और परोपकारी(philanthropist) व्यक्तित्व हैं। उन्हें शेयर बाज़ार (stock market) की दुनिया के सबसे महान निवेशकों में से एक माना जाता है और वो बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और सबसे बड़े शेयर धारक (shareholder) हैं  …Warren Buffett  के पिता शेयर बाजार मैं कारोबारी थे, बफे ने 11 साल की उम्र मैं अपने पिता के साथ शेयर बाजार मैं अपने कारोबारी जीवन की शुरुआत की…

13 वर्षकी उम्र में बफेट नें अपना पहला आयकर विवरण दायर किया और अपनी साईकिल के ३५ डालर को एक व्यय के रूप में घाटा दिया…

15 वर्षकी उम्र में उच्च विद्यालय (high school) के अन्तिम वर्ष में बफेट और उनके एक साथी नें 25 डालर में एक इस्तेमाल की हुई पिनबाल मशीन (pinball machine) खरीदी और उसे एक नाइ की दुकान में रख दिया….मात्र कुछ महीनों में उनके पास तीन मशीनें भिन्न भिन्न जगहों पर हो गई थीं।

19 वर्षकी उम्र में 1949 में उन्हें अल्फा सिग्मा फी (Alpha Sigma Phi) की बिरदारी में जगह दे दी गई, जबकि वो अभी व्हार्टन बिजनेस स्कूल (Wharton Business School) यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवानिया में थे। उनके पिता और चाचा भी अल्फा सिग्मा फाई बिरादरी के नेब्रास्का अध्याय के सदस्य थे, जहाँ अंततः वॉरेन को भेजा गया था।

 20 वर्षकी उम्र में बफेट नें हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन किया लेकिन ठुकरा दिया गया था। बफेट नें कोलंबिया बिजनेस स्कूल (Columbia Business School) में दाखिला लिया क्योंकि उन्हें पता था की बेंजामिन ग्राहम (Benjamin Graham) और डेविड डोड (David Dodd), दो जाने मने प्रतिभूति विश्लेषक (securities analyst), वहीं पढ़ते हैं।  

21 वर्षकी उम्र में बफेट नें पता लगा लिया की ग्राहम (Graham) उस समय GEICO (GEICO) बीमा कम्पनी के बोर्ड के सदस्य हैं। एक शनिवार एक ट्रेन द्वारा वाशिंगटन पहुँचने के बाद वो GEICO के मुख्यालय के दरवाजे पर तब तक दस्तक देते रहे जब तक एक जमादार नें उन्हें अन्दर नहीं आने दिया. वहां उनकी मुलाकात लोरिमर डेविडसन, उपाध्यक्ष, से हुई जिनका उनपे न सिर्फ़ गहरा प्रभाव पड़ने वाला बल्कि वो अच्छे दोस्त भी बनने वाले थे।उन्होनें चार घंटों तक बीमा कारोबार के विषय में बात की.डेविडसन याद करते हुए कहते हैं की केवल 15 मिनट की चर्चा के बाद वो समझ गए की बफेट एक “असाधारण व्यक्ति” हैं।बफेट नें कोलंबिया से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और वो वॉल स्ट्रीट (Wall Street) पर काम करना चाहता थे।अपने पिता और बेन ग्राहम दोनों नें उन्हें ऐसा कराने से मन किया। बफेट नें ग्राहम के लिए निःशुल्क काम करने का प्रस्ताव रखा जिसे उन्होनें ठुकरा दिया...उन्होनें सिंक्लेयर टेक्साको गैस स्टेशन को एक चलते फिरते निवेश की तरह ख़रीदा, परन्तु इसमें उन्हें आशातीत सफलता नहीं मिल पायी.इस बीच, वह एक शेयर दलाल के रूप में काम करते रहे.इस दौरान, बफेट नें डेल कार्नेगी (Dale Carnegie) से एक सार्वजनिक बोलचाल पाठ्यक्रम में हिस्सा लिया। अपने सीखे हुए का उपयोग करते हुए, उनमें एक रात्रि कक्षा, “निवेश के सिद्धांत” को पढाने तक का साहस उत्पन्न हो गया। पढ़ने वाले छात्रों की औसत आयु उनसे दोगुनी थी। 

24 वर्षकी उम्र में बेंजामिन ग्राहम (Benjamin Graham) नें 12000 डालर प्रतिवर्ष के प्रारंभिक वेतन पर बफेट कोअपनी साझेदारी कम्पनी में एक नौकरी की पेशकश की.यहाँ उन्होनें वाल्टर श्लोस (Walter Schloss) के साथ मिल कर लाम किया।ग्राहम, जो की काम करने के लिहाज से एक सख्त आदमी थे, का ये पक्के तौर पर मानना था की यदि किसी स्टॉक की कीमत और उसके निहित मूल्य में ठीक प्रकार संतुलन बैठाया जाए तो ये सुरक्षा की काफी गुंजाईश प्रदान है। ग्राहम की ये मांग की स्टॉक अपनी कीमत से ज्यादा मूल्य का ही हो, बफेट को समझ में आ गई। लेकिन उन्होनें ये सवाल भी उठाया की कहीं ये मापदंड इतने कड़े तो नहीं हैं की गुणात्मक मूल्यों वाले कुछ बड़े विजेता उनकी नजर से छूट जाते हों….इसी तरह साल दर साल तरक्की की सीढ़ियों को चढ़ते  चले गए। 

32 वर्ष की उम्र बफेट एक करोड़पति बन गए क्योंकि जनवरी 1962 में उनकी साझेदारियों में 7178500 डॉलर से अधिक थे और उनमें से 1025000 डॉलर बफेट के थे।

2008 तक, अनुमानतः 62 अरब U.S डॉलर की कुल संपत्ति (Net Worth) के कारण फ़ोर्ब्स (Forbes) द्वारा उन्हें दुनिया का सबसे अमीर आदमी (Richest person in the world) आंका गया था।
बल्कि दुनिया मैं वो अरबपति होने के वजह से इतने ज्यादा चर्चा मैं नहीं रहे, जितनेकी, अरबपति होने के बावजूद उनकी जो जीवन शेली हैं उसकी वजह से वो चर्चा मैं रहे, Warren Buffett  दुनिया के उन सभी अमीरों से हर मायने मैं अलग हैं, कारोबार की पूरी तरह से समाज रखने वाले बफे मैं कई खूबिया हैं जो उनके नाम को एक अलग पहचान देती हैं.

सबसे बड़ी बात ये हैं की बफे ने अपनी कुल संपति का लगभग 85% हिस्सा Bill Gates की Bill & Melinda Gates Foundation को दान मैं देकर इतिहास रच दिया ओर दुनिया का सबसे बड़े दानशुर बन गए….

 

आज बफेट के पास जीतनी संपति हैं उनकी जीवन शैली उतनी ही सरल हैं, बफेट आज भी उसी घर मैं रहते हैं जो उन्होंने 5 दशक पहले ख़रीदा था, वे अपनी कार खुद चलते हैं, ना तो उनके पास कोई ड्राईवर हैं, ना कोई सुरक्षा गार्ड, वे कभी निजी विमान से यात्रा नहीं करते, वो अपने सभी CEO को साल मैं केवल एक बार पात्र लिखते हैं..

दोस्तों, Warren Buffett  की शक्सीयत को समजना या उनके बारे मैं कोई भी एक राय बना पाना शेयर बाजार की तरह ही पेचीदा हैं.

वॉरेन बफेट के कुछ बेहतरीन टिप्स :-

1 “कमाई : कभी भी अकेली आय पर निर्भर न रहे. आय का दूसरा साधन बनाने के लिये निवेश करे.”
2 “सफलता : जब मौके आते है तभी आप कोई काम करते हो. मेरे जीवन में एक ऐसा पल भी आया था जब मेरे पास उपायों का गठरा पड़ा था. लेकिन यदि मुझे अगले हफ्ते कोई उपाय आता है तो ही मै कुछ कर पाउँगा अन्यथा मै कुछ नही कर पाउँगा.”
3 “खर्च : यदि आपको जिसकी जरुरत नही है वो चीज़े आप खरीद रहे हो तो एक दिन आपको जिन चीजो की जरुरत है उस चीजो को बेचना पड़ेगा.”
4 “सेविंग : खर्च करने के बाद जो बचे उसे सेव न करे लेकिन सेव करने के बाद जो बचा उसे खर्च अवश्य करे.”
5 “जोखिम : कभी भी नदी की गहराई को दो पैरो से नही नापना चाहिये.”
6 “निवेश : कभी भी अपने सारे अन्डो को एक ही बास्केट में न डाले.”
7 “उम्मीद : इमानदारी सबसे महंगा तोहफा है. छोटे लोगो से इसकी उम्मीद ना करे.”
8 “इंसानियत : यदि आप इंसानियत के 1 % लकी लोगो में भी शामिल हो, तो आप 99 % लोगो को इंसानियत सिखा सकते हो.”