क्या हो सकता है- Henry ford inspirational story

motivational and inspirational story of henry ford in hindi

आज मैं उस इंसान की बात करने जा रहा हूँ जिसने रोड पर चलने वाली गाड़ियों को एक नया मुकाम दिया था। ” Henry ford  ” का जन्म अमेरीका के मिशिगन राज्य में डियर बोर्ध नामक स्थान पर 30 जुलाई, 1863 को हुआ था। Henry के पिता विलयम फोर्ड एक साधारण किसान थे। henry- आर्थिक रूप से सक्षम परिवार से नहीं थे। १४ साल की उम्र के बाद वे स्कूल नहीं जा पाये। शायद इसलिए की उनके पिताजी शुरुआत से ही चाहते थे की वे किसान बने। शुरूवाती दौर में घङी सुधारने वाले हैनरी फोर्ड ने मोटरकार के आविष्कार तथा उसमें आधुनिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हेनरी फोर्ड ने दुनिया को वी-८ इंजन दिया है। जब की उनकी स्कूली शिक्षा भी बहुत ही काम थी। बस वे इतने समझदार थे कि वह जानते थे की वी-८ इंजन बनाया जा सकता था। लेकिन तकनिकी ज्ञान न होने की वजह से वे यही तय नहीं कर पाते थे की कैसे ? तो उन्होंने अपने सारे ऊँची पढ़ाई वाले लोगो से वी-८ इंजन बनाने को कहा। उन लोगो ने Henry ford को बताया की क्या हो सकता है और क्या नहीं। और यह भी बताया की वी-८ इंजन बनाना नामुमकिन है। लेकिन वही उसे बनाने की मांग पर अड़े रहे। और लोग वही बात दोहराते रहे की नहीं बन सकता और हमे मालूम है की क्या हो सकता है और क्या नहीं, बस यह बनाना असंभव है। कुछ महीनो बाद Henry  ने फिर अपने लोगो से कहा की उसे किसी भी हाल में वी-८ इंजन चाहिए। और यही जिद्दीपन काम आया और वे लोग एक दिन वी-८ इंजन बना कर ले आये।
यह कैसे हुआ? हेनरी ने अपनी शिक्षा की हदो से आगे बढ़कर सोचा। याद रखो की एक और शिक्षा हमे ये बताती है की क्या हो सकता है ? तो वही दूसरी और वह हमें सीमाओ में भी बांध देती है। henry कहते थे – ” मैं बहुत से ऐसे असीम क्षमता वाले लोगो की तलास में हूँ , जो यह नहीं जानते कि क्या नहीं किया जा सकता है। ”
मैं क्या हम सभी मानते है की शिक्षा हमारी ताकत है। लेकिन जरा सोचो क्या हमे सब कुछ आता है ? नहीं तो फिर हम क्यों ये सोच बैठते है की यह नहीं हो सकता। बस हिम्मत कीजिये और और शुरू हो जाइये …. फिर चाहे किसी और ने किया हो या नहीं क्योकि हर काम किसी न किसी ने पहली बार हीं किया है। हो सकता है की आप भी कोई ऐसा कारनामा आपने मन में करने का सोच रहे हो लेकिन ज्ञान की कमी की वजह से या किस और कमी की वजह से , वह सपना अधूरा रहा गया हो।