Motivational Stories

आप उड़ान भरने के लिए पैदा हुए हो

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एक बाज़ का अंडा मुर्गी के अंडो  में गिर गया , समय बीतता गया और मुर्गी भी उसको अपना ही अंडा समझ कर उस पर बेठ जाती , एक दिन…. उन अंडो  से चूजो का जन्म हुआ और बाज के अंडे से भी बाज़ के बच्चे ने जन्म लिया। सभी मुर्गी के बच्चे और बाज़ का बच्चा साथ -साथ रहने लगे , साथ साथ खेलते , मुर्गी के बच्चे जो भी गंदे दाने या गन्दगी खाते वही बाज़ का बच्चा भी खाता , बाज़ का बच्चे की सारी आदते वैसी ही हो गई जैसे की मुर्गी के बच्चो की थी। वो भी उतना ही उड़ता जितना मुर्गी और उसके बच्चे उड़ पाते। धीरे धीरे वक्त बीतता गया और बच्चे बड़े होते गए ,अब वह बाज़ का बच्चा भी खुद को मुर्गी का बच्चा समझ कर अपना जीवन व्यतीत करने लगा। एक दिन अचानक उस बाज़ के बच्चे की नजर असमान में जाती है और वह देखता है की कोई पंछी दूर बहुत ही उचाइयों पर उड़ रहा है, यह देख वह मुर्गी के बच्चो से पूछता है- वह दूर असमान में क्या उड़ रहा है, मुर्गी के बच्चे – वह बाज़ है और जानते हो वो एक ऐसा पंछी है जो आसमान की उचाईयो को छु सकता… Read More »

समय का प्रबंधन कैसे करे

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यदि आप जिंदगी में तरक्की करना चाहते हो तो अपने समय का प्रबंधन करना सीखे , समय का प्रबंधन एक सरल तंत्र है , जिसका उपयोग करके आप अपनी टालमटोल की आदत से उबार सकते हो। परन्तु इसके लिए आत्म-अनुशासन और इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है , लेकिन इसको जीवन में उतार लेने के पुरस्कार भी बहुत बड़े मिलते है। इस तंत्र का उपयाग करने से आपकी उत्पादकता ,प्रदर्शन , परिणाम और आमदनी को दो-तीन गुना बढ़ा सकते हो। दिन की शुरुआत करने से पहले उस दिन करने वाले कार्यो की सूची बना ले। सूचि बनाने का सबसे अच्छा समय एक दिन पहले रात को होता है , ताकि आपका अवचेतन मन आपके सोते समय भी इस गतिविधि – सूचि पर काम कर सके। क्योकि इसी वजह से सुबह जागने के बाद ऐसे नए विचार आपके मन में आते है ,जिनसे आप दिन के कामो को ज्यादा कारगर तरीको से पूरा कर सकते हो। अपनी सूचि में ए , बी , सी , डी, ई विधि का उपयोग करे – ए = ”करना ही होगा ” – न करने के गंभीर परिणाम ; बी= ”करना चाहिए” – करने या न करने के परणाम ; सी= “करना अच्छा है ” -चाहे आप उसे करे या न करे ,… Read More »

Average इन्सान होना एक खतरनाक बीमारी है।

Average इन्सान होना एक खतरनाक बीमारी है , ऐसी खतरनाक बीमारी जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। हम लोगो की समस्या यह नहीं है की हमारे पास समय नहीं है , हम गरीब है या पहचान नहीं है , या कोई मदद नहीं करता,…। बल्कि समस्या यह है की हमारी सोच गलत है। Average इन्सान बनना है तो कोई खर्च नहीं लगता लेकिन जिंदगी भर यही करना चाहते हो की ये चीज़ है , तो वो चीज़ नहीं , जीना है सिर्फ जीने के लिए तो वो तो जानवर भी जी रहा है। जरा सोचो की जितनी भी मुश्किले हमे आती है उसके जिम्मेदार हालात नहीं हम खुद है और हमारी सोच है अगर जीवन में उबरना चाहते हो तो अवसर को ना गवाए , अपनी इच्छाओ ,अपनी  चाहतो ,और अपने सपनो को चुने ,… कुवे के मेंढक की तरह अपने दिमाग को किसी खाई में मत रखिए। आप और हम, आज और अभी से सफलता पाना शुरू कर सकते है -बस कसम खा ले की इन्ही महान लोगो की तरह सोचूंगा और इन्ही की तरह मेहनत करूँगा – धीरू भाई अम्बानी- 4 थी फ़ैल ,एक छोटे से गाव से , शेख चिल्ली के विचार वाले ,एक पेट्रोल पंप के सफ़र से ,… Read More »

आप जिसके बारे में सोचते है, वह बढ़ता है…

अगर आप आज ऐसी स्थिति में है , जिसमे आप जैसी जिंदगी जीना चाहते थे वैसी नहीं जी रहे हो , तो इसी समय इस स्थिति का सामना करके उसे सही करने का निर्णय ले। जिस भी पल आप ऐसा करने की सोचते है और करते है, अपने आप ही ख़ुशी को महसूस करने लगेंगे और आपको लगेगा की आपकी जिंदगी अब आपके नियंत्रण में है। कहानी – मेरे कंधो पर दो भेड़िए बेठे है। एक कंधे पर काला भेड़िया और बुरा है , जो मुझे लगातार गलत चीज़ों को करने के लिए उकसाता रहता है। मेरे दुसरे कंधे पर सफ़ेद और अच्छा भेदिया है जो मुझे श्रेष्ट प्रदर्शन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित करता है। श्रोता ने बूढ़े से पूछा – इसमें से किस भेड़िए की आप पर ज्यादा पकड़ होती है? बूढ़े ने कहा – जिसे मैं ज्यादा पोषण देता हूँ। एकाग्रता के नियम के अनुसार आप जिस भी चीज़ पर विचार करते है, वह आपके जीवन में बढ़ती है। जब आप उन गुणों और जीवन जीने के तरीको के बारे में सोचते हो या बात करते हो , जिनकी आप सबसे ज्यादा क़द्र और सम्मान करते है , तो आप आपने दिलो दिमाग ज्यादा गहरी प्रोग्रामिंग कर लेते हो और वे हर… Read More »

ये बाते आपको सफल होने से रोकती है…

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कुछ लोग अपनी जिंदगी में आगे शायद इसलिए नहीं बढ़ पाते क्यों की वह पीड़ित बनकर ही रहना चाहते है ।इन लोगो का सबसे बड़ा और पसंदीदा विचार है – मैं बेचारा, और ये बेचारे ही बने रहते है। ये लोग बहुत बड़े पीड़ित होते है ,ये हमेशा पीड़ित की भूमिका इसलिए निभाते है की उन्हें लगता है ऐसा करने से उनको कुछ ना कुछ मिलता रहेगा। पीड़ित की भूमिका निभाने वालो को कैसे पहचाना जाए की वह पीड़ित है या नहीं ? इनकी पहचान बड़ी ही आसानी से की जा सकती है -इनके संकेत बड़े ही स्पष्ट होते है संकेत न. १- दोष देना – ये इस खेल के माहिर खिलाड़ी होते है और इनके इस खेल का उद्देश्य यही होता है की आप कितने ज्यादा लोगो को दोषी ठहरा सकते है, दिलचस्प बात ये है की ये लोग अपनी तरफ तो देखते तक नहीं , इनसे हमेशा दूर रहना चाहिए वर्ना ये लोग आप को भी पीड़ित कर सकते है। पीड़ित व्यक्ति अर्थव्यवस्था को, सरकार को, शेयर बाज़ार को, ब्रोकर को ,बिज़नेस के तरीको को ,मालिक को ,नोकर को ,मेनेजर को ,जीवनसाथी को ,बच्चो को ,दोस्तों को ,माता – पिता को , किसी न किसी को दोष देते ही रहते है, हमेशा उनकी नकामियाबी… Read More »

ज़िन्दगी के दो पहलु…

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हर सिक्के के दो पहलु होते है , वैसे हर चीज के दो पहलु होते है। उपर – निचे ,अन्दर – बाहर ,प्रकाश -अन्धकार , आकाश -धरती ,गर्म -ठंडा ,तेज -धिमा ,दाया – बाया। एक का अस्तित्व दुसरे के बगैर अधुरा है , वैसे हे दौलत ( धन ) का अंदरूनी और बाहरी हिस्सा होता है।- बाहरी -वयवसाय का ज्ञान, धन का प्रबंधन ,और निवेश की तकनीक इत्यादि। लेकिन अंदरूनी खेल भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की बहार का ,उदाहरण -कारपेंटर और उसके औजार – अच्छी कारीगरी के लिए अच्छे औजार जरुरी है लेकिन अच्छे औजारों का कुशलता पूर्वक प्रयोग उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है तो आप कौन है? , आप किस तरह सोचते है? ,धारणाये कैसी है? ,आपकी आदते कैसी है? ,खुबिया क्या है ?, आप अपने बारे में कैसा महसूस करते है , क्या आप वाकई महसूस करते है की आप दौलतमंद बनने के हक़दार है या काबिल है ? डर , चिंता और सारी परेशानियों के बावजूद कितना काम कर सकते है,क्या मुड़ न होने पर भी काम करते है ? सच तो यह है की आपका चरित्र ,सोच और आपका विश्वास ही ,आपकी सफलता के स्तर को निर्धारित करते है याद रखो की फल जड़ो से मिलते है – एक… Read More »

नकारत्मक सोच…

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एक व्यक्ति था जिसे तारीफ सुनना बहुत अच्छा लगता था उसी तरह जैसे की हम सभी को लगती है वो एक बार विदेश घुमने जाता है, वह सोचता है की मैं यहाँ से कुछ ऐसा ले कर जाऊ जिसे देख कर सभी तारीफ करे। उसे एक कुत्ता पसंद आता है- जिसकी एक खासियत थी की वह पानी के उपर चल सकता था , वह सोचता है की जो भी इसको देखेगा वो इसकी तारीफ करेगा और यही सोच कर वह उसे खरीद लेता है। जब वह लोट कर अपने घर आता है तब वह एक दोस्त को खाने पर बुलाता है परन्तु उसका खास मकसद उस कुत्ते की तारीफ करवाना था जो वह लाया था। जब दोस्त आया तब वह दोनों स्विमिंग पूल के पास बेठे , तभी उसने कुत्ते को आवाज़ लगाई ये दिखने के लिए की मेरा कुत्ता पानी पर चल सकता है ,कुत्ता उसके पास आ गया। उसने कहा की ये मैं विदेश से लाया हूँ ,…. इतना कहते हुवे उसने एक हवा भरी हुई गेंद को स्विमिंग पूल में फेकी और कुत्ते से लाने को कहा। कुत्ता उसकी खासियत दिखाते हुए पानी के उपर चल कर गया और गेंद ले आया , अब वह अपने दोस्त से पूछता है की देखा… Read More »

इन्सान का लक्ष्य होना चाहिए…

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एक व्यक्ति रोज देखता है की उसके पडोसी का कुत्ता, रास्ते से गुजरने वाली हर एक गाड़ी के पीछे भागता है, उसको पकड़ने के लिए। जब एक दिन उसका पडोसी उस्सने मिलने आता है तो वो कहता है की आपका कुत्ता बड़ा ही खतरनाक है, वो रोज किसी न किसी गाड़ी के पीछे भागता है , देखना एक दिन वो किसी न किसी गाड़ी को पकड़ हे लेगा ! उसकी ये बात सुनकर कुत्ते का मालिक कहता है – आप बिलकुल सही कह रहे हो की वह एक दिन किसी न किसी गाड़ी को पकड़ लेगा !…….परन्तु मेरी समझ में ये नहीं आता की वो गाड़ी को पकड़ भी लेगा तो उसका करेगा क्या ? हर इन्सान ये मालूम होना चाहिए की वो जो भी काम कर रहा है वो क्यों कर रहा है, बिना लक्ष्य के काम करने का कोई मतलूब नहीं, इनसान को हमेशा व् हर काम को लक्ष्य बना कर काम करना चाहिए और तब तक भागना चाहिए,……… जब तक की उस लक्ष्य को हासिल ना कर ले। वर्ना मैंने अपनी जिंदगी में अधिकतर इंसानों को भी यही करते देखा है की वो लक्ष्य बनाते है ,और उसके पीछे भागते भी है लेकिन कुछ दूर तक भागने के बाद थक जाते है… Read More »

कील ज्यादा नहीं चूब रही होगी …..

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एक व्यक्ति ने आपने दोस्त को अपने घर खाने पर बुलाया , दोनों दोस्त जहा पर खाना खाने बेठे थे वही पास में एक बिल्ली टेबल पैर बेठी थी , वह दोस्त जो खाना खाने आया था वह उस बिल्ली को देख रहा था। इतने में बिल्ली थोड़ी सी (अपनी जगह पर ही ) थोड़ी खड़ी हुई और चिल्लाई- मियाऊऊऊ। और फिर वापस उसी जगह पर बेठ गई … ये सब वो देख रहा था। ….फ़िर थोड़ी देर बाद वही हुआ की वह बिल्ली थोड़ी खड़ी और चिल्लाई- मियाऊऊऊ , और फिर से वही बेठ गई। …यह देख उस व्यक्ति से रहा नहीं गया उसने अपने दोस्त से पूछा की यार तेरी बिल्ली चिल्ला क्यों रही है ? उसे क्या तकलीफ है ? उसने कहा छोड़ यार तू खाना खा। उसने सोच कोई बात नहीं और फिर खाना शुरू कर दिया लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से वही हुआ, की बिल्ली थोड़ी खड़ी और चिल्लाई -मियाऊऊऊ। तो उससे रहा नहीं गया उसने कहा यार कुछ ना कुछ तो गड़बड़ है ,बिल्ली को कोई ना कोई तकलीफ जरुर है। दोस्त बोला – अरे यार कोई तकलीफ नहीं है। बात यह है की बिल्ली जिस जगह पर बेठी है वहा टेबल पर एक कील निकली हुई है।… Read More »

चाय में मक्खी है…..

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एक व्यक्ति अपने दोस्त के यहाँ मिलने जाता है ,…दोनो एक कमरे में बेठ, आपस में बाते कर रहे थे इतने में दोस्त पूछता है की क्या लोगे ? ……चाय चलेगी ?…, हां चलेगी। …थोड़ी ही देर में दोनों के लिए चाय आती है दोनों चाय का कप उठाते है,…. वह व्यक्ति भी जैसे ही चाय पिने लगता है उसका ध्यान अपने चाय के कप के अन्दर जाता है और बिना कुछ कहे उठता है और चाय को खिड़की के बहार फेक देता है,…. दोस्त – क्या हुवा ? कुछ नहीं यार चाय में मक्खी थी। ……, कोई बात नहीं मैं दूसरी मंगवा देता हूँ ,…। थोड़ी ही देर में उसके लिए दूसरी चाय आती है। इस बार भी वही होता है। … वह चाय को जैसे ही पिने लगता है फिर से उसका ध्यान कप में जाता है और बिना कुछ कहे, उठता है और चाय को खिड़की से बहार फेक देता है… दोस्त – क्या हुवा यार फिर से कुछ था क्या ? हां यार मक्खी थी। कोई बात नहीं मैं और दूसरी बनवा देता हूँ। ….इस बार वह दोस्त अपनी बीवी को चिल्लाया की क्या है ,देख कर चाय नहीं बना सकती, चाय में दो बार मक्खी गिर चुकी है, कम से… Read More »