Motivational Stories

क्या माफ़ी मिलेगी ?

एक बार जंगल में एक बहुत बड़े गड्ढे में एक शेर गिर गया।  परेशान होकर शेर इधर उधर देखने लगा लेकिन उसे बहार निकलने का कोई भी रास्ता समझ नहीं आया।  तभी उसकी नजर एक पेड़ पर बैठे बन्दर पर पड़ी।   जो शेर को देख रहा था।  शेर ने उसे बचने की गुहार लगाई लेकिन बन्दर उसे गड्ढे में फसा देख उसका मजाक उड़ाने लगा, क्यों बे शेर – अब कैसे रही।  तू तो बड़ा राजा बना फिरता है,  अब आई अकाल ठिकाने पर ? अब शिकारी तुझे मारेंगें, तेरी खेल निकल कर दिवार पर सजाएंगे।  जोर जोर से चिल्लाने लगा देखो भी देखो …….राजा जी  अब शोपीस  बनेंगे। तभी अचानक जिस डाल पर बन्दर बैठा था वह टूट गई और बन्दर सीधे  शेर के सामने आ गिरा।  गिरते ही वह शेर से बोला – माँ कसम दादा , माफ़ी मांगने के लिए कूदा हूँ। भाग्य, तक़दीर, मुकद्दर, संयोग, ये सभी  शब्द तो आपने सुने होंगे। इसिलए कभी भी किसी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए।  फिर चाहे वह अपने से छोटा हो या बड़ा , गरीब हो या आमिर क्योकि ये भाग्य, तक़दीर, मुकद्दर या संयोग, जैसे शब्दों का  वजूद है और हमेशा रहेगा, आप इन्हे नकार नहीं सकते। जितना हो सके मदद करने में… Read More »

संसार में सबसे शक्तिशाली वस्तु क्या है ?

एक गुरुकुल के शिष्यों में  इस बात को लेकर बहस छिड़ गई कि  संसार में सबसे शक्तिशाली वस्तु क्या है ?कोई कुछ कहता कोई कुछ।  जब बहुत बहस के बाद भी वाद – विवाद का कोई निर्णय नहीं निकला तो सभी ने मिलकर निर्णय किया की क्यों न गुरूजी से ही पूछा जाए।  सभी गुरूजी के पास पहुंचे। गुरूजी ने अपने सभी शिष्यों की बाते सुनी और कहा – तुम लोग इसमें अपनी बुद्धि क्यों लगा रहे हो ? यह तो व्यर्थ ही अपना समय बर्बाद करने वाली बात है। यह सुनकर सभी शिष्य उदास हो गए।  उन्हें उदास  देख गुरूजी  बोले – मेरे प्यारे शिष्यों ,इस संसार में वाणी बढ़कर दूसरी कोई शक्तिशाली वस्तु नहीं है।  वाणी से मित्र को शत्रु और शत्रु को मित्र बनाया जा सकता है  …. ऐसी शक्तिशाली वस्तु का उपयोग प्रत्येक व्यक्ति को सोच-समझकर करना चाहिए।  वाणी का माधुर्य लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है।  और न बनने वाला कार्य भी बन जाता है। दोस्तों हम सभी जानते है की अपने  शब्दों को हम कभी वापस नहीं ले सकते  फिर भी जानबूझकर , हम कभी ग़ुस्से में या कभी अभिमानी बनकर लोगो से ऐसे शब्द कह जाते  है जो की लोगो को चोट पहुँचते है। याद रखो की… Read More »

आप क्या चाहते हो ?

एक पिता अपने नन्हे पुत्र के साथ पहाड़ियों में घूमने गए।  जब वह पहाड़ चढ़ रहे थे।  तभी उसके बेटे का पैर फिसला और वह गिर पड़ा , चोट लगने से जोर से चिल्लाया – आह ह ह ह ह ह ह ह ह…… , अचानक  वह बच्चा चोंक गया क्योकि वैसी हे आवाज लौट कर उसको सुनाई दी। आश्चर्यचकित  हो उसने पूछा – कौन हो तुम ? पहाड़ों से फिर आवाज आई – कौन हो तुम ? पुत्र चिल्लाया- मैं तुम्हारा दोस्त हूँ आवाज लौटी – मैं तुम्हारा दोस्त हूँ बच्चा हैरान था क्योकि  सिर्फ आवाज आ रही थी और  कोई सामने दिखाई नहीं दे रहा था।  तभी उसको घुस्सा आने लगा और उसने कहा – तुम कायर हो आवाज लौटी – तुम कायर हो बच्चा अचरज में पड़ गया , उसने पापा से पूंछा – यहाँ क्या हो रहा है ? पापा ने कहा अब यह सुनो वे जोर से चिल्लाये – तुम चैम्पियन हो आवाज लौटी – तुम चैम्पियन हो वे जोर से चिल्लाये – हम तुमसे प्यार कर है आवाज लौटी – हम तुमसे प्यार करते है बच्चा बड़ा आश्चर्यचकित था, उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है।   उसके पिता ने तभी उसे जीवन… Read More »

काम को बोझ न समझें।

एक नन्हा सा बालक तरबूज बेचा रहा था।  सुबह नदी के उस पार  जाकर  तरबूज लाता और गलियों में घूम घूम कर चिल्लाता , तरबूज ले लो।  रोज इसी तरह तरबूज बेचता, पर कुछ ही तरबूज बेच पता। आज  तो वह बहुत निराश था क्योकि तीन दिनों से उसका एक भी तरबूज नहीं बिका था।  लेकिन लोगो को, दुसरो की दुकानो से तरबूज खरीदते देख रहा था। उसकी कुछ समझ में नहीं आता की आखिर उसके तरबूज क्यों नहीं बिक पा रहे  है, जबकि उसके तरबूज दुसरो से काफी अच्छे है। उसकी माँ तीन दिनों से उसे हटस लौटते देख रही थी।  आखिर कार माँ ने उससे कहा बेटा, तू इतना सुस्त होकर और निरुत्साहित होकर पुकारेगा तो कौन तेरे तरबूज खरीदेगा।  सुस्ती हटा और उत्साह ला, दुसरो से कुछ अलग तरीको से बेच , लोगो का ध्यान आकर्षित कर, बेटे को अपनी माँ की बात जंची।  अगले दिन वो शहर गया और जोर जोर से पुकारने लगा।  नदी के उसपार के तरबूज, खास आपके लिए।  मिश्री जैसा मीठा ,इतना स्वादिष्ट की  एक बार खाओगे तो बार बार याद करोगे क्योकि ये नदी के उसपर ही मिलता है। आज उसने  आपने तरबूज की कीमत भी पहले से ज्यादा कर दी थी।  जब शाम को घर… Read More »

निर्देश दे कर तो देखो !!

एक गाँव में एक मेला लगा हुवा था।  वह पर एक हवाई जहाज उड़ाने वाला भी अपना जहाज लेकर आया  था जो की लोगो को हवाई यात्रा करावा कर अपनी रोजी रोटी कमाता था। वह एक हवाई चक्कर का 5000/- रूपए ले रहा था।   उसी गाँव  में एक किसान रहता था।  वह किसान रोज आकर लोगो को उड़ते हुए देखता था।  उसका मन भी उड़ने का करता पर पैसे न होने की वजह से वह केवल सोचता ही रहता। उसकी उड़ने की भूख दिन पर दिन बढ़ती गई।  आखिर एक दिन वह पायलट के पास बात करने पहुँच ही गया। और बोला ” मैं भी उड़ना तो चाहता हूँ पर एक भी रुपया नहीं देना चाहता।  क्या हम कुछ और  लेनदेन कर सकते है ?” पायलट ने एक मिनट विचार किया और यह  शर्त रखी  की मैं तुम्हे मुफ्त में घुमाऊंगा यदि तुम कुछ नहीं बोलोगे।  यदि तुम चीखोगे नहीं , एक शब्द भी नहीं बोलोगे  और न  ही ऊपर से झाँकोगे तो तुम्हारे लिए उड़ान मुफ्त है।  परन्तु यदि तुमने एक आवाज भी निकाली तो तुम्हे 5000/- रुपए के बदले 50000/- रुपए एक उड़न के देने होंगे। किसान ने भी इस विषय  और शर्त के बारे में एक मिनट सोचा और कहा ” ठीक है।… Read More »

अंत का निर्धारण पहले ही करे।

एक बूढ़ा  इंसान सुनार के पास आया।  उसने सुनार से कहा मुझे तराजू दो, कुछ सोना तोलना है।  सुनार ने जवाब दिया दफा  हो जाओ, मेरे पास छलनी नहीं है। ।उस व्यक्ति ने कहा मजाक मत करो, मैं छलनी नहीं, तराजू मांग रहा हूँ।  सुनार ने जवाब दिया भाग जाओ मेरे पास झाड़ू नहीं है। वह आदमी ग़ुस्से में आ गया।  उसने कहा मैं तराजू मांग रहा हूँ।  तुम छलनी , झाड़ू  क्या क्या बक रहे हो।  बेहरे होने का नाटक मत करो।  सुनार ने कहा न मैं बहरा हूँ ,न मैं कोई बक रहा हूँ, सच यह है की तुम बूढ़े हो, काप रहे हो , हाथ काप रहे है , शरीर सीधा नहीं है।  इसके अलावा तुम्हारे पास कोई बड़ा टुकड़ा नहीं है, बल्कि  सोने के कण है।  तुम तराजू में तोलने की कोशिश  करोगे  तो तुम्हारे कापते हुए हाथो से सोने के कण फिसल कर गिर जाएंगे। फिर तुम कहोगे, सुनार मुझे एक झाड़ू दो ताकि मैं  धूल में सोने के कण ढूंढ निकालूँ।  जब तुम झाड़ू लगाओगे तो सोने के कण के साथ धूल भी आ जाएगी।  फिर तुम कहोगे सुनार भाई, छलनी दो।  शुरू से ही मैंने पूरा अंत देख लिया इस लिए यहाँ से निकलो कही और जाओ। किसी … Read More »

आप कैसे लोगो से घिरे हुए है ?

आपके आसपास कैसे लोग रहते है। नकारात्मक सोच वाले या सकारात्मक सोच वाले ? नकारात्मक लोगो का साथ रहना एक बड़ा अपराध है। क्या आपने कभी सोचा है की हार , असफलता, मुश्किल और बाधा जैसे शब्द और विचार हमारे दिमाग में आते कहा से है। हमारे अपने परिवार और आस पास में ऐसे लोग होते है जो जाने अनजाने अपनी हरकतों और शब्दों से यह डर हमारे अंदर भर देते है। वह लोग अक्सर हमारी क्षमता को कम कर के आंकते है। अपनी आखें बंद कर के जरा सोचिये की आपके आसपास कैसे लोग है – नकारात्मक या सकारात्मक। जब आप गंभीरता से सोचोगे तो आपको पता लग जायेगा की वाकई आप दो तरह के लोगो के बीच घिरे हुए हो । नकारात्मक सोच वाले लोग – मुश्किल, असंभव, नहीं हो पाएगा, लोग क्या कहेंगे ,ऐसा नहीं हो सकता ,दूसरे हमसे बेहतर है , हमारा भाग्य ख़राब है , माँ बाप ने हमारे लिए कुछ नहीं छोड़ा …। इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करते है। सकारात्मक सोच वाले लोग – शानदार , बेहतरीन , बहुत अच्छा काम किया , रुकना मत , तुम कर सकते हो देर किस बात की है , आगे बड़ो…. इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करते है। याद… Read More »

Change your way of thinking

कुछ तरीके जिन्हे याद रख कर आपके सोचने के तरीके में आ सकता है बदलाव। दोस्तों जिंदगी में कुछ ऐसी बाते होती है जिन्हे याद रखने से अपनी सोच में या सोचने के तरीके में बदलाव लाया जा सकता  है। ये  बाते आपको याद रखना जरुरी भी है क्योकि आप जैसा सोचोगे वैसे ही बनोगे और अगर आप वाकई कुछ बनाना चाहते है तो ये आपके लिए एक फायदेमंद  रिमाइंडर बन सकते है। 1. जीवन में जो कुछ भी होता है वह आपको आगे बढ़ने में मददगार रहता है।  फिर चाहते आज आपको वो तकलीफ दे रहा हो या आप चाहते थे की ऐसा नहीं होना चाहिए था ले यकीं माने की जो भी आज आपके साथ   हो रहा है वो आपको निश्चित ही  एक नई राह देती है जिसपर  चल कर आप कुछ अलग और पहले से बेहतर करते है।  आपके साथ जो आज हुवा है उसको गलत इसलिए मानते है क्योकि आने वाले समय को आप आज  देख नहीं पाते। 2. लोगो और परिस्थितियों के बारे में जैसा आज  आप  सोच रहे है समय के साथ उसमे भी बदलाव आने लगता है।  इसलिए इन सबके बारे में सोच कर अपना समय नष्ट न करे क्योकि आज नहीं तो कल ये परस्थितिया बदलेगी ही।… Read More »

संगठन की ताकत -Motivational stories and inspirational stories in hindi

इंसान इस बात को आज से नहीं कई सदियों से सुनता चला आ रहा है कि संघठन में बड़ी शक्ति होती है। लेकिन फिर भी आज अकेला है शायद हम इंसानो में एक कंप्यूटर वाइरस कि तरह ही एक वाइरस विद्यमान है जिसे घमंड कह सकते है शायद यही हम लोगो को एक होकर काम नहीं करने देता है और न एक साथ रहने देता है। इसीलिए परिवार छोटे होते चले जा रहे है और कंपनिया बंद होती जा रही है याद रखो जिस परिवार या कंपनी में संघठन नहीं है उस परिवार और उस कंपनी का वजूद ही नहीं रहता।  जब एक व्यक्ति के अंदर ये घमंड आ जाता है कि मैं दुसरो से ज्यादा महत्व रखता हूँ।  तभी से लोगो के दिलो में , घरो में और कम्पनियो में फर्क दिखने लगता है।  दुनिया में हर इंसान, जानवर या कोई भी वस्तु , अपना एक महत्त्व रखती है। जब एक इंसान , दूसरे इंसान के इस महत्व को नजरअंदाज करता है तभी से संगठन का पतन होने लगता है। आइए इसे एक कहानी के माध्यम से समझते है। एक बार हाथ की पाँचों उंगलियों में आपस में झगड़ा हो गया| वे पाँचों खुद को एक दूसरे से बड़ा सिद्ध करने की कोशिश में… Read More »

“इज्जत का खेल ” -Motivational stories and inspirational stories in hindi

मैंने कई लोगो ऐसे लोगो को देखा है। जिन्हे दुसरो की बरा- बरी करने में संतुष्टि मिलती फिर चाहे वह क़र्ज़ लेकर ही क्यों न करना पड़े ,मुझे न जाने क्यों ऐसा लगता है कि हम लोगो कि मानसिकता ही कुछ ऐसी बन गई है कि अगर हम दिखावा नहीं करेंगे तो हमे कोई भी इज्जत या वो आदर नहीं देगा जिसके हम हक़दार है या जो हम पाना चाहते है। और शायद इसी आदर और इज्जत को पाने के लिए हम खेल खेलना शुरू कर देते है। जिसे कहते है “इज्जत का खेल ” इस खेल के कोई नियम नहीं होते क्योकि ये खेल हम इज्जत पाने के लिए खेलते है। इस खेल में बने रहने के लिए आदमी सब कुछ दाव पर लगाते चला जाता है और अंदर से खोंखला होता चला जाता है।अगर हमारे पडोसी ने कोई कार खरीदी तो हमारे बीवी बच्चे सभी उसको बताते है कि देखो शर्मा जी ने नई कार खरीदी है। हमारे घर वाले या कॉलोनी के लोगो से शर्मा जी को जो इज्जत मिलते देख , हम अपनी इज्जत भी बचाने का सोचते है और कार खरीदने की तैयारी करने लगते है। जबकि हम जानते है कि मोटर साइकल में पेट्रोल के लाले पड़े है पर… Read More »