Motivational Stories

ज़िम्मेदारी को समझो और स्वीकार करो।-Motivational story

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एक कंपनी के President  ने Retire  होने के मौके पर नए President को दो लिफ़ाफे दिए जिन पर Number एक और Number  दो लिखा हुवा था और कहा था कि जब भी Managment  की कोई भी तकलीफ आए और अगर तुम उसका हल नहीं निकाल पाओ तो लिफ़ाफ़ा Number  एक खोल तुम्हे उसका हल मिल जायेगा और फिर कभी दोबारा ऐसी मुश्किल आये तो लिफ़ाफ़ा Number  दो खोल लेना उसमे तुम्हे उसका हल मिल जायेगा। कुछ सालो के बाद जब परसीडेंट को मङगमेंट में दिक्कत आई तो उससे याद आया की उसके पास पिछले President ने लिफ़ाफ़े दिए थे शायद वह उसकी Problem  को Solve  कर सके, उसने तुरंत अपनी अलमारी से पहला लिफ़ाफ़ा निकला जिस पर Number  एक लिखा हुआ था। जब उसे खोला तो उसमे लिखा था “ आपने पिछले President पर दोष डाल दे ” और फिर उसने वही किया। कुछ ही दिनों बाद एक दूसरी दिक्कत आई तो उसने Number दो वाला लिफ़ाफ़ा खोला , उसमे लिखा था ” अपने आने वाले President के लिए आप दो लिफ़ाफे तैयार करो। ” जो जिम्मेदार व्यक्ति होता हो वो लोग अपनी गलतियों को मान लेते है और उस गलती से सिख लेते है और कोशिश करते है की ऐसी गलती दोबारा न हो। लेकिन वही कुछ लोग ऐसे… Read More »

क्या हो सकता है- Henry ford inspirational story

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आज मैं उस इंसान की बात करने जा रहा हूँ जिसने रोड पर चलने वाली गाड़ियों को एक नया मुकाम दिया था। ” Henry ford  ” का जन्म अमेरीका के मिशिगन राज्य में डियर बोर्ध नामक स्थान पर 30 जुलाई, 1863 को हुआ था। Henry के पिता विलयम फोर्ड एक साधारण किसान थे। henry- आर्थिक रूप से सक्षम परिवार से नहीं थे। १४ साल की उम्र के बाद वे स्कूल नहीं जा पाये। शायद इसलिए की उनके पिताजी शुरुआत से ही चाहते थे की वे किसान बने। शुरूवाती दौर में घङी सुधारने वाले हैनरी फोर्ड ने मोटरकार के आविष्कार तथा उसमें आधुनिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हेनरी फोर्ड ने दुनिया को वी-८ इंजन दिया है। जब की उनकी स्कूली शिक्षा भी बहुत ही काम थी। बस वे इतने समझदार थे कि वह जानते थे की वी-८ इंजन बनाया जा सकता था। लेकिन तकनिकी ज्ञान न होने की वजह से वे यही तय नहीं कर पाते थे की कैसे ? तो उन्होंने अपने सारे ऊँची पढ़ाई वाले लोगो से वी-८ इंजन बनाने को कहा। उन लोगो ने Henry ford को बताया की क्या हो सकता है और क्या नहीं। और यह भी बताया की वी-८ इंजन बनाना नामुमकिन है। लेकिन वही उसे बनाने की मांग… Read More »

अपनी दुनिया को कैसे बदले। Motivational story

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एक आदमी मेले में गुब्बारे बेचकर अपनी रोजी रोटी कमाता था। उसके पास लाल , हरे , नील , पीले चार रंग के गुब्बारे थे। जब कभी भी उसके गुब्बारे बिकना काम हो जाते वह हीलियम गैस से भरा एक गुब्बारा हवा में छोड़ देता। बच्चे उसे उड़ता देखकर, वैसा ही उड़ने वाला गुब्बार पाने के लिए मचल जाते। और बच्चे उससे वैसा ही गुब्बारा खरीदते। इसतरह करने से उसकी बिक्री बढ़ जाती। और फिर दिन भर यही सिलसिला चलता रहता। एक दिन वह आदमी बाजार में खड़ा गुब्बारे बेच रहा था। अचानक उसे लगा की कोई पीछे से उसके कपडे खीच रहा है। उसने मुड़ कर देखा तो एक बच्ची थी …. जो उसके  कपडे खीच रही थी । उस बच्ची ने गुब्बारे वाले से पूछा- “जिस तरह आपके ये चरो रंग के गुब्बारे उड़ते है वैसे ही अगर आप कला गुब्बारा छोड़ोगे तो वह भी उड़ेगा?”बच्ची की यह बात सुन गुब्बारे वाले ने जवाब दिया – ” बेटी , गुब्बारा आपने रंग की वजह से नहीं उड़ता। बल्कि उसके अंदर क्या है, इस वजह से वह उड़ता है। ” यही बात दुनिया में मौजूद हर इंसान पर लागु होती है। और वही चीज़ आपको ऊपर ले जाती है। और वह है आपका” नजरिया ” … मेरे खयाल से जो… Read More »

जैसे आप, वैसी दुनिया। A inspirational story

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यह एक बुद्धिमान व्यक्ति की कहानी है। यह व्यक्ति एक दिन अपने गाँव के बहार बैठा कुछ सोच रहा था। तभी एक व्यक्ति वह से गुजरा और उसने उस व्यक्ति से पूछा ” इस गाँव में किस तरह के लोग रहते है ?” उस बुद्धिमान व्यक्ति को अजीब सवाल लगा। उसने कहा – आखिर तुम ऐसा क्यों पूछ रहे हो ? , क्यकि मैं अपना गाँव छोड़कर इस गाँव में बसने की सोच रहा हूँ। बुद्धिमान व्यक्ति ने उससे पूंछा कि भाई पहले एक बात मुझे बताओ कि” तुम जिस गाँव में रहते हो वह कैसे लोग रहते है ?” उस आदमी ने कहा – वे सब मतलबी, घृणा करने वाले , निर्दयी लोग है और कभी कोई किसी की मदद नहीं करता । बुद्धिमान व्यक्ति ने जवाब दिया – इस गाँव में भी ऐसे हे लोग रहते है। इतना सुन वह व्यक्ति वह से चला गया। कुछ देर बाद वहा दूसरा व्यक्ति आया, और रुक कर उसने भी वही सवाल किया। बुद्धिमान व्यक्ति ने उससे भी वही सवाल किया कि ” तुम जिस गाँव को छोड़ना चाहते हो वह कैसे लोग रहते है ?” उस व्यक्ति ने जवाब दिया -” वहा के लोग बड़े हे विनम्र , दयालु और एक दूसरे की मदद करने… Read More »

आसान रास्ता मुश्किल हो सकता है -Inspirational story

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एक बार एक खूबसूरत चिड़िया जंगल में गाना गा रही थी। तभी एक आदमी वह कीड़ो से भरा बक्सा ले कर आया। उस चिड़िया ने उसे रोकाaur पूछा ” तुम्हारे इस बक्से में क्या है और तुम कहा जा रहे हो ” आदमी ने जवाब दिया की इसमें कीड़े है और मैं इसे बाजार में बेचूंगा जिसके बदले में मुझे चिड़िया के खूबसूरत पंख मिलेंगे। यह सुन चिड़िया ने थोड़ा सोचा और कहा – मेरे पैसा बहुत पंख है , मैं तुम्हे एक पंख दूंगी अगर तुम ये कीड़े मुझे दे दोगे तो। इससे मुझे खाने के लिए कीड़ो की तलास में जंगल में भटकना नहीं पड़ेगा और बदले में तुम्हे मेरे पंख मिल जायेंगे। आदमी तैयार हो गया और उसने कीड़े उसे दे दिए और बदले में एक पंख चिड़िया ने तोड़ कर उसे दे दिया। आदमी के वह से जाने के बाद चिड़िया बहुत खुश होने लगी और उसे लगने लगा की अब मुझे खाने के लिए इतनी मेहनत नहीं करना पड़ेगी , अब जीवन आराम से मस्ती करते गुजर जायेगा। अगले दिन भी वैसा ही हुआ और यह सिलसिला चलता रहा , फिर एक दिन ऐसा आया कि चिडया के शरीर पर एक भी पंख नहीं बचा। अब न तो वह उड़… Read More »

लालच इतनी भी ना बढ़ाये -inspirational story

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यह एक दौलतमंद किसान की कहानी है जिसे यह कहा गया था की वह एक दिन में जितनी ज़मीन पर चलेगा वह सब उसकी हो जाएगी। बस शर्त यह है कि सूरज डूबने से पहले जहा से शुरुआत की वही आ जाये। ज्यादा से ज्यादा ज़मीन पाने के लिए वह किसान सुबह तड़के ही निकल पड़ा , और खूब तेज़ चलने लगा। थकन के बावजूद भी बस वह चलते ही रहा क्योकि धन प्राप्त करने के मिले अवसर को वह गवाना नहीं चाहता था और ज्यादा से ज्यादा ज़मीन हासिल कर लेना चाहता था। जब दिन ढलने लगा तो अचानक उसे शर्त की वह बात याद आई की उसे सूरज ढलने से पहले वापस अपनी शुरूआती जगह पर पहुचना है। पर लालच में वह बहुत दूर चला आया था। डूबते सूरज पर नजर रखते हुए उसने तेजी से वापस चलना शुरू किया। शाम जैसे जैसे करीब आ रही थी वह और तेजी से दौड़ लगाने लगता। वह थक कर चूर हो गया था। साँसे उखाड़ने लगी थी लेकिन जबरदस्ती और तेजी से आगे बढ़ता रहा। जैसे तैसे   लड़खड़ाते  हुए वह शुरुआत की जगह पर पहुंच गया लेकिन वहा पहुँचते ही वह पछाड़ खा कर गिर पड़ा और मर गया। दोस्तों सूरज डूबने से पहले वह… Read More »

दो बाज़ो की उड़ान।

एक राजा ने दो बाज़ के बच्चे ख़रीदे और उनको पालने और उनकी देख भाल के लिए एक व्यक्ति को बुलाया और उससे कहा की तुम इन दोनों बाज़ के बच्चो  का  ख्याल रखना और इन्हे उचाईयों  पर उड़ना , कलाबाजियां करना सिखाना।  वह व्यक्ति राजा का हुक्म कैसे टाल सकता था अतः वह दोनों बाज़ो को लेकर चला गया और उन्हें उड़ना सिखाने लगा और आसमान में कला बाजिया सिखाने लगा।  इस तरह दिन पर दिन बीतते गए और वह अपना काम करता गया।  जब दोनों बाज़ बड़े हो गए तो राजा ने उसे सन्देश भेजा  और कहा की हम देखना चाहते है कि तुमने बाज़ो को क्या सिखाया। वह व्यक्ति अगले ही दिन दोनों बाज़ो को लेकर राजा के पास पहुँच गया। और एक मैदान में दोनों की कलाबाज़ी और उड़ान देखने का बंदोबस्त किया गया। दोनों बाज़ो को जैसे ही उड़ाया उस वयक्ति ने एक बाज़ तो बहुत उचाई पैर उड़ने लगा और खूब कलाबाजियां करने लगा लेकिन दूसरा बाज़ ने उड़ान तो भरी लेकिन एक पेड़ पर जा कर बैठ  गया।  जब राजा ने यह  देखा तो उस व्यक्ति से पूछा की यह क्या है ?, तुमने दूसरे बाज़ को कुछ नहीं सिखाया।  व्यक्ति बोला महाराज माफ़ करना मैंने बहुत कोशिश… Read More »

समस्या का समाधान।

एक गुरु जी , अपने  शिष्यों के सामने पानी से भरा हुआ एक गिलास लेकर सामने खड़े हो गए। सभी शिष्य ये देख हैरान हुए और पूछा की गुरु जी ये क्या है ? गुरूजी ने कहा-  क्या तुम लोग इसका वजन बता सकते हो ? शिष्यों ने उत्तर दिए कि ५० ग्राम, १०० ग्राम , २०० ग्राम, ५०० ग्राम इतने में  एक शिष्य को गुरु जी ने वजन करने को कहा,  उस पानी से भरे गिलास का वजन ३०० ग्राम निकला। गुरु जी ने उस पानी से भरे गिलास को आपने हाथो में लिया और अपनी शिष्यों से सवाल किया अगर मैं इससे कुछ देर अपने हाथो में इसी तरह इसे उठा कर रखूं तो क्या होगा ? “कुछ  नहीं” . …शिष्यों ने उत्तर दिया। “अच्छा, अगर मैं इसे मैं इसी तरह दो  घंटे तक उठाये रखूं  तो क्या होगा?” “आपका हाथ में दर्द होने लगेगा”, एक शिष्य ने कहा ” तुम  सही कह रहे हो “, “अच्छा अगर मैं इसे इसी तरह पूरे दिन उठाये रहूँ तो का होगा?” “आपका हाथ सुन्न हो सकता है, आपकी मांश -पेशियों  में भारी तनाव आ सकता है, लकवा मार सकता है और पक्का आपको इलाज के लिए किसी वेद की जरुरत पड़ सकती  है”…क़िस शिष्य ने… Read More »

मैं सब जानता हूँ।

एक गुरु के पास एक व्यक्ति आया और कहने लगा गुरु जी  मुझे आपसे कुछ नयी बाते सीखनी है। गुरूजी ने कहा – कुछ नयी बातो का मतलब ? उसने कहा गुरूजी लगातार अध्यन से मैं संसार का ज्यादातर ज्ञान ले चूका हूँ।  फिर मैंने सोचा , चलकर आप से भी कुछ ज्ञान ले लेता हूँ। यदि कुछ नया  होगा तो याद रखूँगा।  गुरूजी ने दो खाली कप और  चाय की केतली मँगवाई। पहले खुद के कप में चाय डाली फिर उस व्यक्ति के कप में चाय डालना शुरू की।  गुरूजी चाय डालते गए , उसका कप भर गया और चाय बहार गिरने लगी। उसने कहा गुरुजी कप भर गया , चाय बहार गिर रही है। गुरूजी ने कहा – जिस तरह इस भरे कप में चाय डालने से बहार गिर रही है , अब यह कप और चाय नहीं ले सकता।  ठीक इसी तरह मैं तुम्हारे भरे दिमाग में और ज्ञान कहा से डाल सकता हूँ।  यदि ज्ञान चाहते हो तो पहले अपना दिमाग खली कर आओ। दोस्तों अगर आप भी जीवन में कुछ पाना चाहते हो तो अज्ञानी बन जाइए और ज्ञान को भीतर आने दीजिये।  मैं जनता हूँ की ये दुनिया ज्ञानियो से भरी पड़ी है और कुछ ज्ञानी ऐसे भी है… Read More »

सफलता कैसे प्राप्त की जाती है ?

एक व्यक्ति जानना चाहता था कि आखिर सफलता कैसे प्राप्त की जाती  है। उसने जानने की हर एक कोशिश की।  एक दिन उसे पता चला की उसके गाँव में  एक  विद्वान  ऋषि आये हुए है।  उसने सोचा की क्यों न, उन्ही से मिलकर ये जानने की कौशिश करू, शायद मेरे सवाल का जवाब वो दे पाए। वह उस ऋषि के पास गया।  और उनसे कहा” आप इतने महान है”,तो  क्या मेरे एक सवाल का जवाब मुझे बता पाएंगे ?  ऋषि ने कहा कोशिश करूँगा।  उसने अपना सवाल पूछा  कि ” सफलता कैसे प्राप्त की जाती है”? ऋषि मुस्कुराए   और कहा की आज नहीं, मैं कल तुम्हारे सवाल का जवाब दूंगा।  कल  सुबह  तुम,   तुम्हारे गाँव की नदी के किनारे मिलना वही बताऊंगा। अगले दिन वह युवक नदी किनारे पहुंचा। ऋषि वह उसके सवाल का जवाब देने वही खड़े थे। युवक ने जब वही सवाल उनसे किया तो ऋषि ने उससे कहा कि नदी के अंदर चलो।  युवक सोच में पड़ गया ! तभी ऋषि ने कहा कि तुम्हे जानना नहीं है की सफलता कैसे प्राप्त की जाती है? युवक तैयार हो गया और नदी के अंदर उतर गया। ऋषि ने कहा -थोड़ा और आगे ,” अब कमर कमर तक पानी में दोनों खड़े थे। ”… Read More »