Average इन्सान होना एक खतरनाक बीमारी है।

Average इन्सान होना एक खतरनाक बीमारी है , ऐसी खतरनाक बीमारी जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। हम लोगो की समस्या यह नहीं है की हमारे पास समय नहीं है , हम गरीब है या पहचान नहीं है , या कोई मदद नहीं करता,…। बल्कि समस्या यह है की हमारी सोच गलत है।
Average इन्सान बनना है तो कोई खर्च नहीं लगता लेकिन जिंदगी भर यही करना चाहते हो की ये चीज़ है , तो वो चीज़ नहीं , जीना है सिर्फ जीने के लिए तो वो तो जानवर भी जी रहा है। जरा सोचो की जितनी भी मुश्किले हमे आती है उसके जिम्मेदार हालात नहीं हम खुद है और हमारी सोच है अगर जीवन में उबरना चाहते हो तो अवसर को ना गवाए , अपनी इच्छाओ ,अपनी  चाहतो ,और अपने सपनो को चुने ,… कुवे के मेंढक की तरह अपने दिमाग को किसी खाई में मत रखिए।
आप और हम, आज और अभी से सफलता पाना शुरू कर सकते है -बस कसम खा ले की इन्ही महान लोगो की तरह सोचूंगा और इन्ही की तरह मेहनत करूँगा –

धीरू भाई अम्बानी- 4 थी फ़ैल ,एक छोटे से गाव से , शेख चिल्ली के विचार वाले ,एक पेट्रोल पंप के सफ़र से , उनका कहना था कि सोच किसी के बाप की जागीर नहीं, पहले सोचो ,जल्दी सोचो,…।  उस समय 25 पैसे में चाय मिलती थी परन्तु वे 1.50 रुपये की चाय उन लोगो के पास बेठ कर पीते थे जो सोच से अमीर  थे। क्योकि वे अच्छी तरह जानते थे की छोटी सोच और पैर में मोच इन्सान को आगे नहीं बढने देती।

सचिन तेंदुलकर – 10th फ़ैल ,एक आम परिवार से , लेकिन बस कुछ कर दिखाने का जूनून , जिस खेल से वो बना आज उस खेल को उसके नाम से लोग जानते है।

बिल गेट्स – लोग कहते है की किस्मत वाला था क्योकि उसके घर से आधा किलोमीटर दूर ही एक कंप्यूटर सेंटर था जहा वो दिन रात बेठा रहता था इसलिए वह इस तरह बन गया । मैं तो सिर्फ एक बात जानना चाहता हूँ की क्या उसके मोहल्ले में कोई दूसरा लड़का नहीं रहता था। दौलत आज इतनी है की उसका धंधा आज वो बंद कर दे और रोज 1 करोड़ खर्च करे तो भी 800 साल तक खा सकता है।

अमिताभ बच्चन – पहले शिपिंग कॉर्पोरेशन में नौकरी करते थे ,नौकरी छोड़ी और पहुच गए आल इंडिया रेडियो पर तो उनसे कहा गया की ये आवाज़ नहीं चलेगी लेकिन आज उसकी आवाज़ से मिट्टी भी बिक जाती है।

अब्राहम लिंकन – 16 बार हारे- 17 वी बार में जीते ,वे एक ऐसे परिवार से थे जहा तुलना की जाये तो आप और मैं भी इनसे अच्छे परिवार से होंगे ।

अलबर्ट आइस्टिंन – एक साधारण परिवार से लेकिन आज कौन नहीं जानता , वो कहते थे की- लोग ना नहीं कहते तो मैं अपने आप को साबित कैसे कर पता ।

वारेन बुफेट – जैसे क्रिकेट में बेंच बदलने वाला होता है वैसे ही शेयर मार्केट में बेंच बदलते थे लेकिन आज दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी है ।

जे के रौलिंग – अपने  घर पर तीन साल के बच्चे को सुलाने के बाद अपने  ही टाइप रायटर से लिखती थी , हैरी पॉटर बुक लिखी , 8800 रूपये में 4 साल बाद पहली बुक बिकी थी और आज 2200 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा की प्रॉपर्टी है ।

थॉमस एडिसन – इनको टीचर ने घर भेज दिया था क्योकि ये सवाल बहुत पूछते थे की 3 से पहले 2 क्यों और 2 से पहले 1 क्यों आता है ,सुन नहीं सकते थे , ग्रामो फ़ोन ,लाइट इन्ही की देन है 10000 बार फ़ैल हुवे थे लाइट का अविष्कार करने में , जब उनसे पूछा गया की 9999 बार फ़ैल हुवे तो कैसा लगा , उनका जवाब था- मैंने 9999 ऐसे तरीके खोज लिए है जिससे लाइट नहीं बन सकती।

स्वामी विवेकानंद – एक साधारण परिवार से लेकिन सोच ऐसी की आज हर व्यक्ति उन्हें जानता है , उनकी कही एक बात – पुरे जग में आपका नाम होगा , वो सारी शक्ति आपके अन्दर है ,आप वो सब कुछ कर सकते है लेकिन जब तक मंजिल न मिले डटे रहो।

अब्दुल कलाम – एक साधारण परिवार से लेकिन आज एक मिसाइल मैन कहे जाते है। सपने वो नहीं होते जो सोते वक्त देखे जाते है , सपने तो वो होते है जो सोने नहीं देते।

ये सभी  Average  इंसान थे लेकिन ये जल्दी ही समझ गए कि  Average  इंसान होना एक खतरनाक  बीमारी है ।आपको क्या लगता है की तकलीफे इनको नहीं आई होगी , बस फर्क इतना है हमे तकलीफ होती है तो हम इतनी जोर से चिल्लाते है की पूरा मोहल्ला इक्कठा हो जाये। हमेशा याद रखो की अगर आप 10 हजार  रुपये कमा रहे हो तो तकलीफ भी 10 हजार की होगी और अगर 50 हजार कमा रहे हो तो तकलीफ भी 50 हजार की ही होगी और 5 लाख कमा रहे हो तो तकलीफ भी 5 लाख की होगी। और अगर आप ने एक बार सोच ही लिया है की इस जिनदगी से बहार निकलना है तो फिर तकलीफों की परवाह क्या करना,…… ये तो आपकी तरक्की के साथ साथ बढती जाएँगी।