All posts by arif khan

दादी की हांड़ी

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एक व्यक्ति अपने घर में लेटा हुवा था और वो अपनी बीवी को चिकन बनाते देख रहा की उसकी बीवी चिकन के छोटे छोटे टुकड़े करके पकाने वाले बर्तन में डालती जा रही थी , अचानक उसके मन में एक सवाल आया की पुछु चिकन के छोटे छोटे टुकड़े क्यों काट रही है, इसको पूरा की पूरा क्यों नहीं बर्तन में पका लेती , क्या चिकन इस तरह बनाते है, टुकड़े कर कर के और अगर ऐसा बनाते है तो क्यों बनाते है ! …… यह व्यक्ति थोडा घुस्से वाला व जिद्दी पार्वती का व्यक्ति था। …. अब ये सवाल ले कर वो अपनी बीवी के पास पहुच गया और पूछा की ये बताओ की ये चिकन ऐसा ही क्यों बनाते है ? बीवी- कैसा ? पति -ये टुकड़े टुकड़े करके क्यों बनते है ? बीवी – ऐसे ही बनाते है , पति – ऐसे क्यों बनाते है पूरा क्यों नहीं डाल देते बर्तन में , बीवी ने उसकी बातो को अनसुना किया तो उसको घुस्सा आ गया ,बोला की बताना ही पड़ेगा की ऐसा क्यों बनाते है? बीवी ने बात को टालने के लिए कह दिया की मेरी माँ ऐसा बनती थी इसलिए मैं भी ऐसा बनती हूँ। …बिवि ने समझा चलो जान बची… Read More »

गधे का नाम,गधा क्यों रखा है ?

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क्या आप लोग बता सकते हो की गधे का नाम,गधा क्यों रखा है ? जब मैं ये सवाल किसी से पूछता हूँ तो अक्सर इस तरह से जवाब मिलता है – उसे जैसा कहो वैसा करता है ,खूब बोझ उठता है , बिना सोचे समझे वो काम करता है। …। या फिर कुछ लोग कहते है , ये कैसा सवाल है सर ,संतोष का नाम संतोष क्यों रखा ,अमित क्यों नहीं ! इसका भला क्या जवाब हो सकता है। …। खैर कोई बात नहीं मैं आप को बताता हूँ की गधे का नाम गधा क्यों रखा है। …ग़धे को English में Donkey कहते है, क्यों कहते है यह तो मुझे भी नहीं पता परन्तु उसको हिंदी में गधा कहते है, इसका मतलब मैं जनता हूँ। ग – मतलब गलत धा – मतलब धारणा उसे गलत धारणा होती है आपने बारे में और दुसरो के बारे में भी , इसलिए उसका नाम गधा है। पर गलत धारणा तो हम सब भी रखते है ,अपने बारे में ,… मेरे से नहीं होगा ,मैं ये नहीं कर सकता ,ऐसा होता है क्या ? मेरी किस्मत ही ख़राब है,…….. अक्सर हम लोग गलत धारणा पाल लेते है जैसे ,…….. – १. गाय दूध देती है – दूध देती नहीं… Read More »

जुड़वाँ बच्चे !!

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एक आदमी के यहाँ जुड़वाँ बच्चे हुए ,कुछ समय तक तो सुब कुछ ठीक था , जब बच्चे 6-7 साल के हुवे  तब उस आदमी को लगा की दोनों दिखने में तो एक जैसे है परन्तु स्वभाव दोनों के अलग अलग है , एक हमेशा खुश रहता तो दूसरा हमेशा किसी न किसी बात पर रोता रहता। … उसने मनोवेज्ञानिक से सलाह ली। … मनोवेज्ञानिक ने राय दी की जो बच्चा ज्यादा रोता है उसके लिए महंगा खिलौना ले जाओ और जो ज्यादा खुश रहता है उसके लिए कुछ ऐसा ले जाओ जिससे वो नाराज हो जाये , कुछ देर के लिए ही सही, पर संतुलन तो हो जायेगा !उस आदमी ने रोंदू के लिए रोबोट ख़रीदा ,खुबसूरत पैकिंग करवाई और दुसरे के लिए मिठाई के डब्बे में गोबर रख लिया। …ज़ब वो घर पंहुचा तो पहले रोंदू के पास गए – जैसे ही कमरे में गए तो देखा की वह पहले से हे किसी बात पर रो रहा था। । उसने जैसे ही पिताजी को देखा और पूछा। …क्या है ?-खिलौना , इतना बड़ा ! पहले से ही मेरे कमरे में जगह कम है और आप इतना बड़ा खिलौना ले आये ,क्या है इसमें ? – रोबोट ,दिखाओ -जैसे ही डिब्बा खोल जोर से रोने लगा… Read More »

मरने के बाद आदमी का क्या होता है ?

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एक सज्जन सेमिनार खत्म होने के बाद मेरे पास आया और बोले – आप से एक सवाल पूछना चाहता हूँ ? मैंने कहा पूछिए , वो बोले सर मरने के बाद आदमी का क्या होता है ? मैं थोडा रूका , उसकी तरफ मुस्कुरा कर देखा और कहा श्री मान आपको नहीं लगता की ये सवाल आप किसी गलत आदमी से पूछ रहे है ,वह बोला -नहीं , मैं ३ घंटे से आपको सुन रहा हूँ और मैं समझता हूँ की आप ही सही जवाब बता सकते है। मैंने कहा श्री मान सबसे पहले तो धन्यवाद् की आप ३ घंटे से मेरा सेमिनार सुन रहे है , परन्तु मरने के बाद आदमी का क्या होता है? ये मैं कैसे बता सकता हूँ ! वह बोला -सर आप ही बता सकते है ,मैंने कहा श्री मान मैं नहीं जानता क्यों की मैं अभी मरा नहीं हूँ उसने कहा सर कैसी बात कर रहे है आप क्यों मजाक कर रहे है ,मुझे पूरा यकीं है की आप जानते है। नहीं भाई मैं बिल्कुल गंभीर हूँ। मगर वो , सर मुझे मालूम है की आप जानते है पर ही डटे रहा। मैंने कहा देखिये सर। …. यदि आप हिन्दू है तो आपका दाह संस्कार कर देंगे और अगर… Read More »

आप हाथी नहीं इंसान हैं !

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एक आदमी कहीं से गुजर रहा था, तभी उसने सड़क के किनारे बंधे हाथियों को देखा, और अचानक रुक गया. उसने देखा कि हाथियों के अगले पैर में एक रस्सी बंधी हुई है, उसे इस  बात का बड़ा अचरज हुआ कि हाथी जैसे विशालकाय जीव लोहे की जंजीरों की जगह बस एक छोटी सी रस्सी से बंधे हुए हैं!!! ये स्पष्ट था कि हाथी जब चाहते तब अपने बंधन तोड़ कर कहीं भी जा सकते थे, पर किसी वजह से वो ऐसा नहीं कर रहे थे. उसने पास खड़े महावत से पूछा कि भला ये हाथी किस प्रकार इतनी शांति से खड़े हैं और भागने का प्रयास नही कर रहे हैं ? तब महावत ने कहा, ” इन हाथियों को छोटे से ही इन रस्सियों से बाँधा जाता है, उस समय इनके पास इतनी शक्ति नहीं होती कि इस बंधन को तोड़ सकें. बार-बार प्रयास करने पर भी रस्सी ना तोड़ पाने के कारण उन्हें धीरे-धीरे यकीन होता जाता है कि वो इन रस्सियों नहीं तोड़ सकते, और बड़े होने पर भी उनका ये यकीन बना रहता है, इसलिए वो कभी इसे तोड़ने का प्रयास ही नहीं करते.” आदमी आश्चर्य में पड़ गया कि ये ताकतवर जानवर सिर्फ इसलिए अपना बंधन नहीं तोड़ सकते क्योंकि वो… Read More »