ज़िम्मेदारी को समझो और स्वीकार करो।-Motivational story

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एक कंपनी के President  ने Retire  होने के मौके पर नए President को दो लिफ़ाफे दिए जिन पर Number एक और Number  दो लिखा हुवा था और कहा था कि जब भी Managment  की कोई भी तकलीफ आए और अगर तुम उसका हल नहीं निकाल पाओ तो लिफ़ाफ़ा Number  एक खोल तुम्हे उसका हल मिल जायेगा और फिर कभी दोबारा ऐसी मुश्किल आये तो लिफ़ाफ़ा Number  दो खोल लेना उसमे तुम्हे उसका हल मिल जायेगा।
कुछ सालो के बाद जब परसीडेंट को मङगमेंट में दिक्कत आई तो उससे याद आया की उसके पास पिछले President ने लिफ़ाफ़े दिए थे शायद वह उसकी Problem  को Solve  कर सके, उसने तुरंत अपनी अलमारी से पहला लिफ़ाफ़ा निकला जिस पर Number  एक लिखा हुआ था। जब उसे खोला तो उसमे लिखा था “ आपने पिछले President पर दोष डाल दे ” और फिर उसने वही किया। कुछ ही दिनों बाद एक दूसरी दिक्कत आई तो उसने Number दो वाला लिफ़ाफ़ा खोला , उसमे लिखा था ” अपने आने वाले President के लिए आप दो लिफ़ाफे तैयार करो।
जो जिम्मेदार व्यक्ति होता हो वो लोग अपनी गलतियों को मान लेते है और उस गलती से सिख लेते है और कोशिश करते है की ऐसी गलती दोबारा न हो। लेकिन वही कुछ लोग ऐसे भी होते है जो गलती मानते ही नहीं और न ही उससे कुछ सिख लेते है।
जब भी गलती होती है तो व्यक्ति ये काम कर सकता है – उसे अनदेखा कर सकता है। , उससे मैंने से इंकार कर सकता है या उस गलती को स्वीकार करके उससे सिख ले सकता है। इनमे अनदेखा करना और इंकार करना बड़ा आसान है लेकिन अगर आप अपनी कमजोरियों और गलतियों पर पर्दा डालते है तो उसके जाल में फसते ही चले जाते है और कभी भी बहार नहीं निकल पाते। यही गलतिया आपकी मुख्य बिंदु बन जाते है और हमारी जिंदगी इनके आसपास  ही गुमने लगती है। लेकिन वही अगर उसे स्वीकार कर उससे सिख लेते है, मानता हूँ की यह सबसे बड़ी हिम्मत वाला काम है  लेकिन तो इस बात की तो Guarantee है की ऐसी गलती आपसे दोबारा नहीं होगी और अगर हो भी गई तो आप आसानी से उसे हल कर पाओगे ।

Note– कोई भी  Motivational story आप को सिर्फ बता सकती है की क्या करना है , कैसे करना है , क्यों करना है और क्या फायदा होगा  लेकिन  उसे जीवन में उतारना आपके आपने हाथ में है और जब  तक आप इसे जीवन में नहीं उतरोगे तब तक इसका कोई फायदा नहीं और इसे पढ़ना व्यर्थ है।