संसार में सबसे शक्तिशाली वस्तु क्या है ?

एक गुरुकुल के शिष्यों में  इस बात को लेकर बहस छिड़ गई कि  संसार में सबसे शक्तिशाली वस्तु क्या है ?कोई कुछ कहता कोई कुछ।  जब बहुत बहस के बाद भी वाद – विवाद का कोई निर्णय नहीं निकला तो सभी ने मिलकर निर्णय किया की क्यों न गुरूजी से ही पूछा जाए।  सभी गुरूजी के पास पहुंचे। गुरूजी ने अपने सभी शिष्यों की बाते सुनी और कहा – तुम लोग इसमें अपनी बुद्धि क्यों लगा रहे हो ? यह तो व्यर्थ ही अपना समय बर्बाद करने वाली बात है। यह सुनकर सभी शिष्य उदास हो गए।  उन्हें उदास  देख गुरूजी  बोले – मेरे प्यारे शिष्यों ,इस संसार में वाणी बढ़कर दूसरी कोई शक्तिशाली वस्तु नहीं है।  वाणी से मित्र को शत्रु और शत्रु को मित्र बनाया जा सकता है  …. ऐसी शक्तिशाली वस्तु का उपयोग प्रत्येक व्यक्ति को सोच-समझकर करना चाहिए।  वाणी का माधुर्य लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है।  और न बनने वाला कार्य भी बन जाता है।
दोस्तों हम सभी जानते है की अपने  शब्दों को हम कभी वापस नहीं ले सकते  फिर भी जानबूझकर , हम कभी ग़ुस्से में या कभी अभिमानी बनकर लोगो से ऐसे शब्द कह जाते  है जो की लोगो को चोट पहुँचते है। याद रखो की कोई भी शब्दों द्वारा किए गए अपमान को नहीं भूलता। आज नहीं तो कल वह आपको ब्याज समेत लौटने का ही इंतजार  करता है। फिर चाहे वो आपका दुश्मन हो या दोस्त।