मरने के बाद आदमी का क्या होता है ?

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एक सज्जन सेमिनार खत्म होने के बाद मेरे पास आया और बोले – आप से एक सवाल पूछना चाहता हूँ ? मैंने कहा पूछिए , वो बोले सर मरने के बाद आदमी का क्या होता है ? मैं थोडा रूका , उसकी तरफ मुस्कुरा कर देखा और कहा श्री मान आपको नहीं लगता की ये सवाल आप किसी गलत आदमी से पूछ रहे है ,वह बोला -नहीं , मैं ३ घंटे से आपको सुन रहा हूँ और मैं समझता हूँ की आप ही सही जवाब बता सकते है। मैंने कहा श्री मान सबसे पहले तो धन्यवाद् की आप ३ घंटे से मेरा सेमिनार सुन रहे है , परन्तु मरने के बाद आदमी का क्या होता है? ये मैं कैसे बता सकता हूँ ! वह बोला -सर आप ही बता सकते है ,मैंने कहा श्री मान मैं नहीं जानता क्यों की मैं अभी मरा नहीं हूँ
उसने कहा सर कैसी बात कर रहे है आप क्यों मजाक कर रहे है ,मुझे पूरा यकीं है की आप जानते है।
नहीं भाई मैं बिल्कुल गंभीर हूँ। मगर वो , सर मुझे मालूम है की आप जानते है पर ही डटे रहा।
मैंने कहा देखिये सर। …. यदि आप हिन्दू है तो आपका दाह संस्कार कर देंगे और अगर आप मुस्लिम या ईसाई है ,तो आप को दफना दिया जायेगा। ….
वह बोला- नहीं सर मैं इसकी बात नहीं कर रहा हूँ , मैं आत्मा की बात कर रहा हूँ ! की आत्मा का क्या होता है ? मैंने कहा – सर आत्मा का क्या होता है यह जानकारी आपको आस्था चेनल पर मिलेगी, मेरे पास इसकी कोई भी जानकारी नहीं है। मैं जैसे तैसे वही से उसको टाल कर निकल पाया !
परन्तु रास्ते भर मैं यही सोचता रहा की यार वो कैसा बेवकूफ ,पागल इन्सान था जो पूछ रहा था की मरने के बाद क्या होता है!…. फिर मुझे लगा लगा सच ही है की हममे से ज्यादातर लोग मरने के बाद की चिंता करते है , उससे पहले की नहीं – नाजायज ,जायज ,पाप ,पुण्य। … मरने के बाद खुद या भगवान् को मुह दिखाना है……. कभी ये नहीं सोचते की पूरी जिंदगी जो गुजरना है, उसमे कैसे अच्छे कर्म करूँ , कैसे ईमानदारी ,बिना किसी का गला काटे ,रिश्वत लिए बगैर ,किसी को परेशान किये बगैर , खुशिया बाटते हुवे गुजारु। मरने के बाद की चिंता ज्यादा रहती है बजाय मरने के पहले की।