भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध

३२६ ई.पू. हाईडेस्पीज का युद्ध : सिकंदर और पंजाब के राजा पोरस के बीच जिसमे सिकंदर की विजय हुई |
२६१ ई.पू. कलिंग की लड़ाई : सम्राट अशोक ने कलिंग पर आक्रमण किया था और युद्ध के रक्तपात से विचलित होकर उन्होंने युद्ध न करने की कसम खाई |
ईस्वी
७१२ – सिंध की लड़ाई में मोहम्मद कासिम ने अरबों की सत्ता स्थापित की |
११९१ – तराईन का प्रथम युद्ध – मोहम्मद गौरी और पृथ्वी राज चौहान के बीच हुआ था | चौहान की विजय हुई |
११९२ -तराईन का द्वितीय युद्ध – मोहम्मद गौरी और पृथ्वी राज चौहान के बीच| इसमें मोहम्मद गौरी की विजय हुई |
११९४ -चंदावर का युद्ध – इसमें मुहम्मद गौरी ने कन्नौज के राजा जयचंद को हराया |
१५२६ -पानीपत का प्रथम युद्ध -मुग़ल शासक बाबर और इब्राहीम लोधी के बीच |
१५२७ -खानवा का युद्ध – इसमें बाबर ने राणा सांगा को पराजित किया |
१५२९ -घाघरा का युद्ध -इसमें बाबर ने महमूद लोदी के नेतृत्व में अफगानों को हराया |
१५३९ .– चौसा का युद्ध – इसमें शेरशाह सूरी ने हुमायु को हराया |
१५४० – कन्नौज (बिलग्राम का युद्ध) : इसमें फिर से शेरशाह सूरी ने हुमायूँ को हराया व भारत छोड़ने पर मजबूर किया |
१५५६ – पानीपत का द्वितीय युद्ध :अकबर और हेमू के बीच |
१५६५ – तालीकोटा का युद्ध : इस युद्ध से विजयनगर साम्राज्य का अंत हो गया क्यूंकि बीजापुर, बीदर,अहमदनगर व गोलकुंडा की संगठित सेना ने लड़ी थी |
१५७६ .– हल्दी घाटी का युद्ध : अकबर और राणा प्रताप के बीच, इसमें राणा प्रताप की हार हुई |
१७५७ – प्लासी का युद्ध : अंग्रेजो और सिराजुद्दौला के बीच, जिसमे अंग्रेजो की विजय हुई और भारत में अंग्रेजी शासन की नीव पड़ी |
१७६० – वांडीवाश का युद्ध : अंग्रेजो और फ्रांसीसियो के बीच, जिसमे फ्रांसीसियो की हार हुई |
१७६१ -पानीपत का तृतीय युद्ध :अहमदशाह अब्दाली और मराठो के बीच | जिसमे फ्रांसीसियों की हार हुई |
१७६४ -बक्सर का युद्ध : अंग्रेजो और शुजाउद्दौला, मीर कासिम एवं शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना के बीच | अंग्रेजो की विजय हुई | अंग्रेजो को भारत वर्ष में सर्वोच्च शक्ति माना जाने लगा |
१७६७-६९ – प्रथम मैसूर युद्ध : हैदर अली और अंग्रेजो के बीच, जिसमे अंग्रेजो की हार हुई |
१७८०-८४ – द्वितीय मैसूर युद्ध : हैदर अली और अंग्रेजो के बीच, जो अनिर्णित छूटा |
१७९० ई.पू.– तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध : टीपू सुल्तान और अंग्रेजो के बीच लड़ाई संधि के द्वारा समाप्त हुई |
१७९९ – चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध : टीपू सुल्तान और अंग्रेजो के बीच , टीपू की हार हुई और मैसूर शक्ति का पतन हुआ |
१८४९ .– चिलियान वाला युद्ध : ईस्ट इंडिया कंपनी और सिखों के बीच हुआ था जिसमे सिखों की हार हुई |
१९६२ .– भारत चीन सीमा युद्ध : चीनी सेना द्वारा भारत के सीमा क्षेत्रो पर आक्रमण | कुछ दिन तक युद्ध होने के बाद एकपक्षीय युद्ध विराम की घोषणा | भारत को अपनी सीमा के कुछ हिस्सों को छोड़ना पड़ा |
१९६५ – भारत पाक युद्ध : भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जिसमे पाकिस्तान की हार हुई | फलस्वरूप बांग्लादेश एक स्वतन्त्र देश बना |
१९९९ -कारगिल युद्ध : जम्मू एवं कश्मीर के द्रास और कारगिल क्षेत्रो में पाकिस्तानी घुसपैठियों को लेकर हुए युद्ध में पुनः पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा और भारतीयों को जीत मिली ।
इतिहास इस बात का गवाह है की उसी ने मैदाने जंग में जित हासिल की है , जो बुलंद इरादों के साथ मैदान में उतरा था और चाहे कैसी भी परिस्थिति आजाए उसने कभी हार नहीं मानी याद रखो जो भी इन्सान परिस्थितियों से हार मान लेता है वह खुद से हार जाता है और ऐसा इन्सान कभी भी दुसरो पर जित हासिल नहीं कर सकता।