परिवर्तन का शक्तिशाली रहस्य

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कुछ जिंदगी में पाना कहते हो तो अपने आप को बदलो। …. परिवर्तन जो दुनिया का हर इन्सान चाहता है…. परन्तु आपने अन्दर नहीं सामने वाले के अन्दर , वो शायद इसलिए क्योकि अपने अन्दर परिवर्तन करना हर किसी के बस की बात नहीं ,दोस्तों जब भी मैं परिवर्तन की बात करता हूँ तो लोग परिवर्तन को इस तरह देखते है जैसे की- किसी की बीवी से नहीं बन रही,- तो वह बीवी बदल देता है , किसी की दोस्त से नहीं बन रही – तो वह दोस्त बदल देता है , किसी की मोहल्ले में नहीं बन रही- वो मोहल्ला बदल देता है, किसी की घर में नहीं बन रही- तो वह घर बदल देता है परन्तु हकीकत तो यहाँ है की किसी भी इन्सान को परिवर्तन की शुरुआत उस चेहरे से करनी चाहिए जो उसको रोज आईने में दिखाई देता है…। कही आप के मन में यह तो नहीं आ रहा की परिवर्तन करे क्यों , …ज़ो भी जैसी भी जिंदगी चल रही है चलने क्यों न दे। ।अगर आप लोग अपनी जिंदगी के हाथो मजबूर ही रहना चाहते हो , और कुछ बड़ा करने का सपना अगर नहीं है तो कोई बात नहीं। …… और अगर है , तो दोस्तों किसी भी नये कार्य की, नये लक्ष्य की ,नये सपनो की और नयी जिंदगी की शुरुआत करने से पहले या फिर नये समय की मांग के अनुरूप ढालने के लिए ,……. हमे अपने आपको बदलना बहुत जरुरी है ,
क्योकि ये जो समय चल रहा है वो बहुत ही खतरनाक समय है जहा पल पल में परिवर्तन होते है और हम ऐसे समय में दुसरो पर तो क्या, अपने आप पर भी काबू नहीं रख पाते लेकिन ऐसे समय में अगर आप इस समय के गुलाम नहीं बनना चाहते बल्कि समय को अपना गुलाम बनाना चाहते हो तो अपने अन्दर परिवर्तन लाना सिख लीजिये। …अपने अन्दर परिवर्तन लाने का सबसे शक्तिशाली रहस्य होता है —– घोषणा करना —–
घोषणा करे बुलंद आवाज़ में जो आप चाहते है क्योकि ये उर्जा प्रदान करती है , ये आपके अन्दर इतनी उर्जा भर देती है की आप उस कार्य ,सपने ,लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर समय तत्पर रहते है , चाहो न चाहो मगर आपके दिल दिमाग में बस यही जूनून सवार रहता है की मुझे किसी भी तरह किसी स्थिति और परिस्थिति में हर संभव कोशिश करना है। …और जब आप बुलंद आवाज से घोषणा करते हो तो भगवान् भी सुनता है , असमा तक आवाज जाती है। …य़े आवाज आपके सोये मन को जगाती है। … घोषणा का साफ मतलब होता है -संकल्प , काम को पूरा करने का पक्का इरादा

 याद रखो की –
आप जो सुनते है – उसे भूल जाते है
आप जो देखते है – उसे याद रखते है
आप जो करते है – उसे समझ जाते है
और अगर आप समझ गए तो इससे बेहतर परिवर्तन आप की जिंदगी में क्या हो सकता है क्योकि आज का इन्सान देखते और सुनते हुए तो एक अर्से से अपनी जिंदगी गुजार रहा है बस समझ ही तो नहीं पा रहा