जुड़वाँ बच्चे !!

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एक आदमी के यहाँ जुड़वाँ बच्चे हुए ,कुछ समय तक तो सुब कुछ ठीक था , जब बच्चे 6-7 साल के हुवे  तब उस आदमी को लगा की दोनों दिखने में तो एक जैसे है परन्तु स्वभाव दोनों के अलग अलग है ,
एक हमेशा खुश रहता तो दूसरा हमेशा किसी न किसी बात पर रोता रहता। …
उसने मनोवेज्ञानिक से सलाह ली। … मनोवेज्ञानिक ने राय दी की जो बच्चा ज्यादा रोता है उसके लिए महंगा खिलौना ले जाओ और जो ज्यादा खुश रहता है उसके लिए कुछ ऐसा ले जाओ जिससे वो नाराज हो जाये , कुछ देर के लिए ही सही, पर संतुलन तो हो जायेगा !उस आदमी ने रोंदू के लिए रोबोट ख़रीदा ,खुबसूरत पैकिंग करवाई और दुसरे के लिए मिठाई के डब्बे में गोबर रख लिया। …ज़ब वो घर पंहुचा तो पहले रोंदू के पास गए – जैसे ही कमरे में गए तो देखा की वह पहले से हे किसी बात पर रो रहा था। । उसने जैसे ही पिताजी को देखा और पूछा। …क्या है ?-खिलौना , इतना बड़ा ! पहले से ही मेरे कमरे में जगह कम है और आप इतना बड़ा खिलौना ले आये ,क्या है इसमें ? – रोबोट ,दिखाओ -जैसे ही डिब्बा खोल जोर से रोने लगा ,- काले रंग का ! मुझे कला रंग पसंद नहीं, आपको पता है फिर भी ले आये। ।पिता बोला -रो म़त मैं बदलवा दूंगा पर पहले देख तो ले , …. जैसे ही निकला प्रश्न पूछना चालू कर दिए , ये है क्या ?- रोबोट , ये क्या करता है ? – बेटा ये चलता है ,बोलता है, नाचता है। … कैसे ?, ऐसे चाबी भर के इसको चलते है , हह्ह इसे चलाने के लिए बार बार चाबी भरना पड़ेगी ! चाबी कौन भरेगा ? पिता आपना सर कूटते हुवे बोले मेरी गलती है, मैंने लाकर दिया, मैं ही भुगतुंगा। । जब भी चलाना हो मुझे आवाज़ दे देना मैं चाबी भर दूंगा। … रोंदू- अब सारा दिन आपको आवाज़ ही देता रहूँ की आओ मेरी चाबी भर दो। एक तो काले रंग का और उपर से चाबी से चलता है , … रोंदू गुस्से से बोला किसने कहा था आप को ये  को लाने ,रोते हुवे – शायद आप मुझसे प्यार नहीं करते। ….फिर इसके बाद वो दुसरे कमरे में गए ,कमरे में गए तो देखा की वो दूसरा बच्चा खेल रहा है उसके पास गए और कहा देखो मैं तुम्हारे लिए क्या लाया हूँ , बच्चे ने वो डब्बा ले लिया और खोलने लगा , जैसे ही डब्बा खोल तो देखा की गोबर है। ।और वो खड़े हो कर अपने आस – पास देखने लगा , पिताजी ने कहा क्या हुवा ? तो उसने पूछा की घोडा कहा है? पिताजी अचरज में पढ गए की घोडा ! इतने में उस बच्चे ने कहा की ये गोबर है तो इसका मतलब की घोडा भी यही कही है। ।कहा है घोडा ?

सन्देश – नकारात्मक व्यक्ति हमेशा रोता ही  रहता है और उसको हर  बात में कमी दिखती है, वो कभी भी किसी चीज़ में कमी निकाले  बगैर रह ही नहीं सकता , शायद  इसलिए वो हमेशा  जिंदगी से दुखी रहता है  लेकिन सकारात्मक व्यक्ति ख़राब चीजों में भी अच्छी चीजों को खोजता है और शायद इसीलिए वो जिंदगी में हमेशा खुश रहता है