जीत से पहले ही ,जीत की घोषणा करे

Aliliston

मोहम्मद अली मुक्केबाज़ी के इतिहास के सर्वोत्तम मुक्केबाज़ों में से एक था। परन्तु इतनी प्रसिध्दि पाने से पहले ,संपूर्ण विश्व में अपने नाम व चेहरे की  पहचान बनाने से पहले, वह भी संघर्षरत व जुझारू लड़का था। जो अपने आपको साबित करने के लिए प्रयासरत था।
जैसा कि मैंने कही पढ़ा था कि मोहम्मद अली ने एक मैच से पहले समाचार पत्रो के जरिए कहा था। जो केवल तीन शब्द थे कि ” आई एम् द ग्रेटेस्ट ” ये शब्द अली ने अपने सबसे बड़े पहले मैच के, पहले कहे थे। जो की सोनी लिस्टन से था । ये बात सुनकर सभी लोगो ने और पत्रकारो ने इस नौसिखिए के बड़बोलेपन की खूब हसी उड़ाई थी , परन्तु जब वह जीता तो सभी उसकी तरफ ध्यान देने लगे क्योकि वह ना केवल जीता था बल्कि उसने मैच से पहले भविष्यवाणी भी कर दी थी। इस मैच के बाद अली विश्व भ्रमण को निकल गया और अपने वाक्यो को हर जगह दोहराता गया कि ” मैं सबसे महान हूँ ” , इतना ही नहीं वह हर मैच के पहले ही बता देता था कि वह अपने विरोधी को किस राउंड में ध्वस्त कर देगा। एक या दो अपवादों को छोड़ कर, वो हमेशा ही सही साबित होता था।
वह ऐसा कैसे कर सका ? क्या मोहम्मद अली के पास कोई अनोखी शक्ति थी जिससे वही भाविष्य में देख सकता था ? ऐसा कुछ था जो वह समझ सकता था और दूसरा कोई नहीं ?
जवाब है——— हाँ ! जिस रहस्यमय शक्ति का उपयोग अली करता था , वह द्रढ़ता कहलाती है। द्रढ़ता वह शब्द है जो आप अपने आप से या दुसरो से कहते है ,जिन पर आप विश्वास करते है , विचार करते है और जो सच हो जाते है।
आइए देखते है कि ये कौन सी ऐसी जादू की छड़ी है जिसे घुमाने से वाकई जिंदगी में भी जादू हो सकता है। ध्यान दीजिये कि जब अली बोले तो उसने ऐसा नहीं कहा , ” मैं महान हूँ ” या ” मैं लगभग सबसे महान हूँ ” या ” अगले कुछ सालो में सबसे महान हो जाऊंगा ” , उसने सीधे और साफ़ शब्दो में कहा कि ” मैं सबसे महान हूँ ” इससे उसने एक साथ तीन उपलब्धियाँ प्राप्त की :-
पहली, वह अपने  अंतर्मन को बता रहा था कि उसे क्या करना है, उसके अंतर्मन के लिए केवल वर्त्तमान था और वह स्वयं को वहाँ और उसी समय परिभाषित कर रहा था। प्रभावी रूप में , वह अपने अंतर्मन से कह रहा था कि उसे अभी से विश्वास करना होगा।
दूसरी, अपने द्रढ़ विचारो को दूसरे के सामने प्रभावी तरीके से व्यक्त कर वह अपने अंतर्मन को चेतावनी दे देता था कि अब पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उसने ये घोषणा कर दी थी कि उसको अब इसी के लिए जीना है।
तीसरी , एक बार विश्व-विजेता बनकर उसने जो कुछ भी कहा था उसे पूरा कर दिखाया , तो उसने अपनी बातो का, दुसरो को भी विश्वास दिला दिया था। इस प्रकार जब वह कहता कि दूसरे विरोधी को तीसरे राउंड में परास्त कर देगा तो वह सुनिश्चित करता था कि उसका विरोधी इस घोषणा को सुन ले। और जब तीसरा राउंड शुरू होता तो विरोधी उसके  हारने  का इंतज़ार करता। अली के संकल्प कि शक्ति ऐसी थी कि उसका विरोधी भी यह विश्वास कर लेता था कि ऐसा ही होने वाला है और अंततः ऐसा ही होता। अपनी आत्मा कि ताकत से वह अपने आपको अंदर और विरोधी को बहार का रास्ता दिखा देता।
वह अपनी भाषा के अलावा अपनी दृढ़ता के अन्य रूपो का उपयोग भी करता था। वह मैच के प्रारम्भ होने से पहले अपने विरोधी को लगातार घूरता रहता था और राउंड के अंतराल में वह कभी भी कोने में नहीं बैठता था। ये गतिविधयां उसके विरोधी को बताती थी कि वह अजय है। याद रखो कि आपकी जीत आपके अंदर है और उसकी घोषणा करने से वह आपको कभी भी हारने नहीं देगी और न कभी चुनौतियों  को देख आपको पीछे हटने देगी।