गधे का नाम,गधा क्यों रखा है ?

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क्या आप लोग बता सकते हो की गधे का नाम,गधा क्यों रखा है ? जब मैं ये सवाल किसी से पूछता हूँ तो अक्सर इस तरह से जवाब मिलता है – उसे जैसा कहो वैसा करता है ,खूब बोझ उठता है , बिना सोचे समझे वो काम करता है। …। या फिर कुछ लोग कहते है , ये कैसा सवाल है सर ,संतोष का नाम संतोष क्यों रखा ,अमित क्यों नहीं ! इसका भला क्या जवाब हो सकता है। …। खैर कोई बात नहीं मैं आप को बताता हूँ की गधे का नाम गधा क्यों रखा है। …ग़धे को English में Donkey कहते है, क्यों कहते है यह तो मुझे भी नहीं पता परन्तु उसको हिंदी में गधा कहते है, इसका मतलब मैं जनता हूँ।
– मतलब गलत
धा – मतलब धारणा
उसे गलत धारणा होती है आपने बारे में और दुसरो के बारे में भी , इसलिए उसका नाम गधा है।
पर गलत धारणा तो हम सब भी रखते है ,अपने बारे में ,… मेरे से नहीं होगा ,मैं ये नहीं कर सकता ,ऐसा होता है क्या ? मेरी किस्मत ही ख़राब है,……..
अक्सर हम लोग गलत धारणा पाल लेते है जैसे ,…….. –
१. गाय दूध देती है – दूध देती नहीं भाई निकलना पड़ता है ,वह भी बूंद बूंद
२. देश भक्त वही जो देश के लिए मर मिटे -क्या आप को नहीं लगता की हमे अपने जवानों को मरने के लिए नहीं बल्कि मारने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए , इतिहास इस बात का गवाह है की जंग मर कर नहीं मार कर जीती जाती है।
३. कलयुग चल रहा है – कलयुग नहीं ,कर्मयुग चल रहा है -यहाँ जो मेहनत करेगा वही तरक्की करेगा
४. मेरी किस्मत ही ख़राब है-ऐसे व्यक्ति जब सुबह देर से उठते है ,उन्हें सड़क पर ट्राफिक मिलता है, गाड़ी स्टार्ट नहीं होती , बॉस की डाट खानी पड़ती है ,फिर कहते है………. साला किस्मत ही ख़राब है ,
अरे भाई किस्मत नहीं,…. तेरी सुबह देर से उठने की आदत ही ख़राब है ,तेरी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई क्योकि वो ख़राब है और गाड़ी इसलिए ख़राब है क्योकि तूने सर्विस नहीं करवाई थी
सन्देशकोई व्यक्ति इस प्रकार की कोई भी गलत धारणा रखता है तो उसे तुरंत बदल डाले क्योकि हम गधे नहीं, इन्सान है