आप वह जाने, जो कोई और न जानता हो ।

मेरे साथ एक आनंद नाम का व्यक्ति कार्य करता था। उसे भी उतनी ही इंग्लिश आती थी ,जितनी हम सभी को। लेकिन , उसने उस समय इसमें ऐसी संभावना देखी ,जिसे हम दुसरे कोई नहीं देख पाए। उसने इंग्लिश भाषा में महारत हासिल करने का संकल्प लिया। इसके लिए वह इंग्लिश क्लास गया , इंग्लिश मूवी देखने की आदत डाली ,इंग्लिश रिकार्ड्स सुनता रहता था और इंग्लिश किताबे और उपन्यास ही पड़ता था। देखते ही देखते फर्राटेदार इंग्लिश बोलने लगा और उसका विशेषज्ञ बन गया। जब भी उससे कोई इंग्लिश में बात करता तो वह मान लेता की यह इंडिया में पैदा नहीं हुआ होगा क्यों की उसकी इंग्लिश इतनी बढ़िया थी जितनी की शायद अमेरिका में भी कोई नहीं बोल पाता होगा यह अंदाजा बिलकुल सटीक था की कोई भी बहार की बड़ी कंपनी जब भी कॉलेज में कदम रखेगी तो उसका इंग्लिश का ज्ञान वाले लोग मूल्यवान होगे। कुछ लोग यह नहीं जानते थे और कुछ जानते थे परन्तु उन्होंने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया। याद रखो दुसरे लोग जो नहीं जानते है , उसे जानना आपके लिए फायदे मंद होता है और आपको हमेशा सिर्फ लाभ की ही तो तलाश रहती है। आनंद ने यह काम यह काम भाषा के साथ किया ,उसने एक खास जगह बनाने के लिए किया ,शायद इसीलिए आज वो आस्ट्रेलिया में आपना एक बड़ा बिज़नेस चला रहा है। तभी से मुझे भी समझ आ गया की जैसा उसने इंग्लिश के साथ किया मैं भी दुनिया में अपनी खास जगह बनाने के लिए अपनी योग्यता ,गुणों ,विशेषज्ञता , क्षमता या समझ के साथ ठीक ऐसा ही करूँगा।
याद रखो अगर आप भी यही चाहे हो की आप अपने बिज़नस में , ऑफिस में या कही भी लोग आपको जाने और आपको आपने लिए मूल्यवान समझ तो कोई ऐसी चीज जाने जो दूसरा नहीं जनता हो। इसके लिए सबसे पहले आपने गुणों को देखना होगा तथा अपनी कमजोरियों और शक्तियों की पहचान करना होगी। इसके बाद आपको यह फैसला करना कि विशेषज्ञ ज्ञान कहा उपयोगी हो सकता है। शायद आप कंप्यूटर या अन्य काम में आप निपूर्ण हो। शायद आप बहुत रचनात्मक हो ,और ऐसी बहुत सी चीज़े जानते हो जो दूसरा नहीं जानता हो। मेरा साला है फैज़ान, जो एक बढ़िया कंपनी में असिस्टेंट मनेजर है। वह स्पोर्ट्स में अच्छे  है और हर चीज़ का ज्ञान रखते है मैंने हमेशा पाया है की उनके बॉस और ऑफिस के लोग, जब भी स्पोर्ट्स में हिस्सा लेते है तो उनको ज्यादा अहमियत देते है और जब भी किसी चीज़ के ज्ञान की जरुरत होती है तो भी उसे ही याद करते है, यहाँ तक की जब भी मुझे कुछ सलाह लेना होती है तो मैं भी उन्ही को याद करता हूँ। मुझे लगता है की इन्ही वहज से उनकी एक खास जगह बन गई है और उन्हें इसका फायदा भी मिलता है।

कोई भी क्षेत्र हो सकता है जहा आप महारत हासिल कर सकते है। यह फाइनेंस का क्षेत्र  हो सकता है। क्या आप दुसरो के लिए बिज़नेस पेज का विश्लेषण कर सकते है ? ऐसा व्यक्ति  बनने  के बारे में क्या ख्याल है , जो सचमुच बजट को समझता हो ? या सोफ्ट्वेयर इंस्टालेशन ? या कान्ट्रेक्टस ? या स्टाफ के मसले ? या यूनियन के नियम कानून या सेहत और सुरक्षा ? या विदेशी रीती- रिवाज और व्यावसायिक नीतिया ? या मुद्रा विनिमय दर ? या बॉडी लैंग्वेज ? या टीम बनाना ? या मीटिंग की अच्छी तरह अध्यक्षता करना ? या या या या। …. छोड़ो भी आपको भी अपने दिमाग से कुछ तो सोचने दूँ। क्योंकि मैं जनता हूँ दिमाग का जितना उपयोग किया जाये वह उतना शक्तिशाली बनता चला जाता है और मैं चाहता हूँ की आप सबसे शक्तिशाली बने।
आप चाहे जिस भी चीज़ का फैसला करे , बस सुनिश्चित कर ले की वह –
१. प्रासंगिक हो।
२. स्थानीय हो।
३. रोचक हो।
इस तरह आपकी सेवाओ की जरुरत पड़ने पर दुसरे लोग आपके पास आएँगे। अगर आप कोई ऐसी चीज़ जानते है , जो जो वे नहीं जानते तो आप एक कर्मचारी नहीं रह जाएँगे। आप परामर्शदाता बन जाएँगे। जाहिर है ,अगर आपके बॉस को उस चीजों की जरुरत हो तो और भी अच्छा है। मैंने अक्सर धार्मिक पुस्तको में पड़ा है ,चाहे वह किसी भी धर्म की हो , क़ुरान शरीफ हो या बाइबल या गीता , सभी में कहा गया है की कोई इन्सान कैसा भी हो और कैसे भी कर्म किये हो परन्तु उसकी एक अच्छाई उसे जन्नत या स्वर्ग दिला  देती है।  याद रखो किसी भी एक चीज़ में महारत हासिल कर ली तो वह दुनिया में भी आपकी जिंदगी को जन्नत या स्वर्ग  बना देती है।