आप जिसके बारे में सोचते है, वह बढ़ता है…

अगर आप आज ऐसी स्थिति में है , जिसमे आप जैसी जिंदगी जीना चाहते थे वैसी नहीं जी रहे हो , तो इसी समय इस स्थिति का सामना करके उसे सही करने का निर्णय ले। जिस भी पल आप ऐसा करने की सोचते है और करते है, अपने आप ही ख़ुशी को महसूस करने लगेंगे और आपको लगेगा की आपकी जिंदगी अब आपके नियंत्रण में है।
कहानी – मेरे कंधो पर दो भेड़िए बेठे है। एक कंधे पर काला भेड़िया और बुरा है , जो मुझे लगातार गलत चीज़ों को करने के लिए उकसाता रहता है। मेरे दुसरे कंधे पर सफ़ेद और अच्छा भेदिया है जो मुझे श्रेष्ट प्रदर्शन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित करता है।
श्रोता ने बूढ़े से पूछा – इसमें से किस भेड़िए की आप पर ज्यादा पकड़ होती है?
बूढ़े ने कहा – जिसे मैं ज्यादा पोषण देता हूँ।
एकाग्रता के नियम के अनुसार आप जिस भी चीज़ पर विचार करते है, वह आपके जीवन में बढ़ती है। जब आप उन गुणों और जीवन जीने के तरीको के बारे में सोचते हो या बात करते हो , जिनकी आप सबसे ज्यादा क़द्र और सम्मान करते है , तो आप आपने दिलो दिमाग ज्यादा गहरी प्रोग्रामिंग कर लेते हो और वे हर स्थिति में अपने आप सक्रिय होने लगती है। और अगर आप इसके विपरीत सोचते हो, तो वह हर स्तिथि में अपने आप सक्रिय होने लगती है
याद रखो अगर आपको वैसा उच्य जीवन जीना चाहते हो, जिसकी आप कल्पना भी नहीं करते ,तो तुरंत कल्पना करना शुरू कर दीजिए। और उस राह पर चल दीजिए जो आपके सपने पुरे कर सके। बस इतना याद रखिये की किसी भी परिस्थिति में ,किसी भी हालात में किसी भी मुसीबत में- आप गलत न सोचे वर्ना एकाग्रता का नियम आपके खेल को बिगाड़ देगा और फिर जिंदगी वही पर लाकर खड़ा कर देगी, जहा से आपने शुरुआत की थी