आप क्या चाहते हो ?

एक पिता अपने नन्हे पुत्र के साथ पहाड़ियों में घूमने गए।  जब वह पहाड़ चढ़ रहे थे।  तभी उसके बेटे का पैर फिसला और वह गिर पड़ा , चोट लगने से जोर से चिल्लाया – आह ह ह ह ह ह ह ह ह…… ,
अचानक  वह बच्चा चोंक गया क्योकि वैसी हे आवाज लौट कर उसको सुनाई दी।
आश्चर्यचकित  हो उसने पूछा – कौन हो तुम ?
पहाड़ों से फिर आवाज आई – कौन हो तुम ?
पुत्र चिल्लाया- मैं तुम्हारा दोस्त हूँ
आवाज लौटी – मैं तुम्हारा दोस्त हूँ
बच्चा हैरान था क्योकि  सिर्फ आवाज आ रही थी और  कोई सामने दिखाई नहीं दे रहा था।  तभी उसको घुस्सा आने लगा और उसने कहा – तुम कायर हो
आवाज लौटी – तुम कायर हो
बच्चा अचरज में पड़ गया , उसने पापा से पूंछा – यहाँ क्या हो रहा है ?
पापा ने कहा अब यह सुनो
वे जोर से चिल्लाये – तुम चैम्पियन हो
आवाज लौटी – तुम चैम्पियन हो
वे जोर से चिल्लाये – हम तुमसे प्यार कर है
आवाज लौटी – हम तुमसे प्यार करते है
बच्चा बड़ा आश्चर्यचकित था, उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है।   उसके पिता ने तभी उसे जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढ़ाया – बेटा, लोग इसे इको कहते है लेकिन यही जिंदगी है।  जिंदगी में जो भी आपको मिलता है।  वह आपका ही कहा हुआ या किया हुआ होता है। जिंदगी सिर्फ आपके कार्यो का आईना होती है अगर आप जिंदगी में  किसी से कुछ उम्मीद करते हो तो पहले उसे वह दीजिए। याद रखिए आपका किया हुवा व्यवहार घूम फिर कर आपके पास ही लौट कर आता है, आपके कहे हुए शब्द या आप जो भी दुनिया को देते हो सब आपके पास हे आना है इसलिए जिस आप अपनी जिंदगी में  या अपने साथ चाहते हो वैसा हे इस दुनिया से करो।  याद रखो की गेहू बोन पर गेहूं मिलेंगे , ज्वार बोन पर ज्वार। । कही देखा है की ज्वर बोन पर गेहूं उगता हो ? जो भी चीज़ आप ज्यादा चाहते हो उसको ज्यादा बाँटिये। अपने बारे में दुनिया से अच्छा सुनना चाहते  है तो लोगो के बारे में भी अच्छा बोलिए , आप चाहते हो की लोग आपकी मुश्किलो में मदद करे तो आप भी लोगो की मुश्किल में मदद कीजिए।  आप जैसा चाहते है वैसा हे दुनिया में कीजिए आपको वैसा ही मिलेगा।   अच्छा, बुरा सब कुछ आप पर निर्भर करता है कि आप  क्या चाहते हो ?