आप कैसे लोगो से घिरे हुए है ?

आपके आसपास कैसे लोग रहते है। नकारात्मक सोच वाले या सकारात्मक सोच वाले ? नकारात्मक लोगो का साथ रहना एक बड़ा अपराध है। क्या आपने कभी सोचा है की हार , असफलता, मुश्किल और बाधा जैसे शब्द और विचार हमारे दिमाग में आते कहा से है। हमारे अपने परिवार और आस पास में ऐसे लोग होते है जो जाने अनजाने अपनी हरकतों और शब्दों से यह डर हमारे अंदर भर देते है। वह लोग अक्सर हमारी क्षमता को कम कर के आंकते है। अपनी आखें बंद कर के जरा सोचिये की आपके आसपास कैसे लोग है – नकारात्मक या सकारात्मक। जब आप गंभीरता से सोचोगे तो आपको पता लग जायेगा की वाकई आप दो तरह के लोगो के बीच घिरे हुए हो ।

नकारात्मक सोच वाले लोग – मुश्किल, असंभव, नहीं हो पाएगा, लोग क्या कहेंगे ,ऐसा नहीं हो सकता ,दूसरे हमसे बेहतर है , हमारा भाग्य ख़राब है , माँ बाप ने हमारे लिए कुछ नहीं छोड़ा …। इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करते है।

सकारात्मक सोच वाले लोग – शानदार , बेहतरीन , बहुत अच्छा काम किया , रुकना मत , तुम कर सकते हो देर किस बात की है , आगे बड़ो…. इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करते है।

याद रखिए की अगर नकरात्मक सोच वाले लोगो  से मिलते है या वह आपके आसपास है तो ऐसे लोगो से मिलकर आपका उत्साह कम हो जायेगा ,आप चिंतित , निराश और हमेशा हारा हुआ महसूस करेंगे। आपका आत्मविश्वास डगमगा जायेगा और आप जो कार्य करने का सोच रहे है उसको टाल देंगे या सोचने लगेंगे की आप गलत कार्य करने जा रहे है। सोचिए इस तरह के लोगो से मिलकर अपने सपनो ,उम्मीदों और इच्छाओ का गला घोटना कहा तक उचित है। इनसे बचिए , दूर रहिए और सलाह लेने की कोशश भी मत कीजिए। क्योकि यह लोग एक ऐसे वायरस की तरह होते है जो आपकी जिंदगी को खोखला बना कर रख देते है। याद रखो जिस प्रकार रंग की एक बून्द सेकड़ो लीटर पानी को रंगीन कर देती है। उसी प्रकार एक नकारात्मक व्यक्ति आपके बड़े बड़े कार्यो का सत्यानाश कर देता है। वही अगर आपके आसपास सकारात्मक सोच वाले लोग  है जिनसे आप मिलते है। इनसे मिलकर आप उत्साहित महसूस करेंगे , कुछ कर गुजरने की लालसा पैदा होगी।, नए विचार आएंगे ,उमंग होगी , और आत्मविश्वास बढ़ जाएगा , आप तेजी से अपने कार्य में लग जाएंगे व आपको नए नए और अच्छे विचार आने लगेंगे। ऐसे लोग आपकी सोच को और आपको ऐसे बुलंदी के मुकाम तक ले जाते है जहा हर कोई जाना चाहता है।मेडिकल साइंस कहता है स्वस्थ  रहने के लिए सालो तक पोस्टिक आहार लेना पड़ता है और अस्वस्थ
होने के लिए चुटकी भर जहर ही  काफी है।  ठीक उसी तरह लगातार सफलता पाने के लिए सकारात्मक सोच वाले लोगो के साथ पूरा जीवन बिताना पड़ता है और नकारात्मक लोगो के साथ थोड़ा वक्त बिताते ही मानसिक बीमारी से ग्रस्त  महसूस करने लगोगे।

याद रखो की दिमाग एक उपजाऊ भूमि है  दोनों तरह की फसलो की इसमें जबरदस्त पैदावार होती है। अब यह आप पर निर्भर करता है की आप किस प्रकार के बीज बोते हो। सकारात्मक विचारो वाले या फिर नकारात्मक विचारो वाले।