आप उड़ान भरने के लिए पैदा हुए हो

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एक बाज़ का अंडा मुर्गी के अंडो  में गिर गया , समय बीतता गया और मुर्गी भी उसको अपना ही अंडा समझ कर उस पर बेठ जाती , एक दिन…. उन अंडो  से चूजो का जन्म हुआ और बाज के अंडे से भी बाज़ के बच्चे ने जन्म लिया। सभी मुर्गी के बच्चे और बाज़ का बच्चा साथ -साथ रहने लगे , साथ साथ खेलते , मुर्गी के बच्चे जो भी गंदे दाने या गन्दगी खाते वही बाज़ का बच्चा भी खाता , बाज़ का बच्चे की सारी आदते वैसी ही हो गई जैसे की मुर्गी के बच्चो की थी। वो भी उतना ही उड़ता जितना मुर्गी और उसके बच्चे उड़ पाते। धीरे धीरे वक्त बीतता गया और बच्चे बड़े होते गए ,अब वह बाज़ का बच्चा भी खुद को मुर्गी का बच्चा समझ कर अपना जीवन व्यतीत करने लगा। एक दिन अचानक उस बाज़ के बच्चे की नजर असमान में जाती है और वह देखता है की कोई पंछी दूर बहुत ही उचाइयों पर उड़ रहा है, यह देख वह मुर्गी के बच्चो से पूछता है- वह दूर असमान में क्या उड़ रहा है, मुर्गी के बच्चे – वह बाज़ है और जानते हो वो एक ऐसा पंछी है जो आसमान की उचाईयो को छु सकता है ! तभी बाज़ का बच्चा सोचने लगता है…… तो मुर्गी का बच्चा कहता है – खैर हम तो इतनी उचाई पर उड़ने का सोच भी नहीं सकते क्योकि हम मुर्गी के बच्चे है और तू भी मत सोच , तू भी नहीं उड़ सकता क्योंकी तू भी मुर्गी का बच्चा है।

जिस प्रकार बाज़ का बच्चा मुर्गी के बिच रह- रह कर मुर्गी की तरह ही सोचने लगा, कभी उसको यह एहसास भी नहीं हुआ की वह मुर्गी का नहीं बाज़ का बच्चा है और अगर होता भी , तो मुर्गी के बच्चे उसको एहसास करा देते की तू मुर्गी का बच्चा है और वह यह सच मान कर चुप बेठ जाता। आप ही सोचिये की वह बाज़ पैदा हुआ था आसमान की उचाईयो पर उड़ने के लिए परन्तु मुर्गी के बच्चो ने उसकी सोच को मजबूर कर दिया ज़मीनी जिंदगी जीने के लिए।

 अक्सर ऐसा ही होता है हम लोगो के साथ भी जब भी की हम कोई भी बड़ा सपना देखते है या बड़ा काम करने निकलते है तो लोग हमारी टांग खीचने लगते है और सोचने पर मजबूर कर देते है की हम नहीं कर सकते। याद रखो की आप टाइगर हो पर इन भेड़ के साथ रह- रह कर भेड़ बन गए हो , अपनी असली ताकत को पहचानो और लोगो की सुनना बंद कर दो।