अपना- अपना नजरिया

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तीन व्यक्ति असमान की और पत्थर फेक रहे थे। किसी ने उनसे पूछा  की यह क्या कर रहे हो?  तब पहले व्यक्ति ने जवाब दिया की पत्थर की ऊचाई पर फेंककर मालूम करना चाहता  हूँ कि  मेरे बाजुओं में कितना दम है।  जब यही प्रश्न दुसरे व्यक्ति से पूछा  तो उसने जवाब दिया की पत्थर के आकार एवं भार  के बारे में मालूम करना चाहता हूँ कि  किस प्रकार का पत्थर ऊपर फेंकने पर  अधिक ऊचाई तय करता है। और जब  तीसरे व्यक्ति से पूछा गया तो उसने बताया की  पत्थर की फेंककर प्रथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के नियम की शक्ति को जांचने की कोशिश कर रहा हूँ।  यहाँ तीनो व्यक्तियों के कार्य तो एक है किंतु वह तीनो का मकसद अलग -अलग था और परिणाम भी अलग अलग पा रहे थे। तीनो को  भिन्न-भिन्न परिणाम केवल भिन्न भिन्न सोच से मिलते है।  ठीक इसी प्रकार दुनिया में बहुत से व्यक्ति कार्य तो एक ही करते है परन्तु सोच और उनके नजरिए अलग-अलग होने की वजह से ,उनको परिणाम भी अलग अलग प्राप्त होते है।